दर्दनाक हादसा, स्कूल बस की चपेट में आई सगी बहनें, एक की मौत

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हिमखबर डेस्क 

ऊना में जिला मुख्यालय से करीब पांच किमी दूर गांव रायंसरी में सोमवार दोपहर को दर्दनाक हादसा हुआ। यहां पर रक्कड़ कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल की बस की चपेट में दो बच्चियां आ गईं।

हादसे में दोनों बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। इनमें एक को ऊना अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया जहां बच्ची ने रास्ते में दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरी बच्ची का इलाज क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में चल रहा है।

दोनों घायल बच्चियां सगी बहनें हैं और सोमवार को स्कूल के पहले ही दिन उनके साथ ये हादसा हो गया। सुशील की बेटियां परीक्षा (3) और आशश्वी (5) रक्कड़ कॉलोनी स्थित स्कूल में एलकेजी और यूकेजी कक्षा में पढ़ाई करके लौट रही थीं।

रायंसरी पहुंचने पर दोनों जब बस से उतरीं तो चालक ने बस को पीछे को मोड़ा। बच्चियां बस से उतरकर संभल पाती, उससे से पहले टायर के नीचे आ गईं। तीन वर्षीय परीक्षा के ऊपर बस का टायर का चढ़ गया, जबकि आशश्वी भी चपेट में आ गई।

दोनों बच्चियों को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना ले गए। जहां से परीक्षा को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। लेकिन बच्ची को बचाया न जा सका और रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।

घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा। आरोपी चालक की पहचान बलराम सिंह निवासी घालुवाल तहसील हरोली जिला ऊना के तौर पर हुई।

स्थानीय लोगों में रामपाल, मीना, लवली, रविंद्र सहित अन्य ने बताया कि झलेड़ा में स्कूल बस से बच्चों को उतारकर चालक अवैध तरीके से टेंपो ट्रैवलर में बैठाकर रायंसरी और आसपास के क्षेत्रों में छोड़ता था।

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन चालक शराब का आदी है और कई बार लापरवाही से वाहन चलाते देखा गया है।

लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई और प्रशासन व संबंधित विभाग इस मामले में अब तक क्यों सोये हुए थे।

घटना के बाद स्कूल से बच्चों को लाने वाले बस चालक की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और स्कूल वाहनों के संचालन को लेकर सख्त नियम लागू किए जाएं ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ के बोल 

पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि मामले की जांच जारी है। आरोपी चालक, बस मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

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