आपात स्थिति में गैहरा गांव के लोगों काे आज चारपाई और कंधे का ही सहारा

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बिलासपुर – सुभाष चनदेल

झंडूता उपमंडल की एकमात्र नगर पंचायत तलाई के वार्ड नंबर एक गैहरा निवासी बदतर जीवन जीने को मजबूर हैं। नगर पंचायत तलाई के वार्ड नंबर एक गैहरा के निवासी कहने को तो शहरी क्षेत्र में आते हैं, लेकिन सुविधा नाम की कोई चीज उनको उपलब्ध नहीं है।

इसका जीता जागता उदाहरण यह है कि आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी यदि गैहरा में कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो उसे चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ता है या फिर कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि लगभग 100 वर्षीय वृद्धा पूर्वी देवी को उसके बेटे प्रदीप कुमार द्वारा कंधे पर उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ा।

गैहरा के निवासी गरीब लोग हैं तथा अधिकतर घरों से लोग दिहाड़ी-मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे जिस कारण दिन में वह घर पर नहीं होते हैं तथा ऐसे में यदि कोई घर में अधिक बीमार हो जाता है तो उसको उठाकर अस्पताल ले जाने के लिए कोई व्यक्ति वहां नहीं होता है।

यदि सड़क की व्यवस्था ठीक हो जाए तो वाहन द्वारा एक व्यक्ति भी मरीज को अस्पताल तक पहुंचा सकता है।

गैहरा के निवासियों प्रदीप कुमार, जगदीश भाटिया, मदनलाल, भाग सिंह, ज्ञानचंद, रविंद्र कुमार, अशोक कुमार, सरवन कुमार, सुलोचना देवी, विमला देवी, फूला देवी, रीता देवी, मीरा देवी, रामप्यारी, सुमन देवी का कहना है कि तलाई बाजार से गैहरा को जोड़ने वाली संपर्क सड़क की हालत काफी खस्ता है।

बरसात के दिनों में वाहन तो दूर व्यक्ति को पैदल चलना काफी कठिन हो रहा है। ऐसे में मरीज को उठाकर अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल ही नहीं काफी कठिन कार्य है। बीते कई वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन नगर पंचायत के किसी भी पदाधिकारी ने कभी उनकी नहीं सुनी।

लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के चुनावों में भाजपा व कांग्रेस के लोग उनसे बैठे मांगने तो आ जाते हैं लेकिन उसके बाद उनकी 5 सालों तक सुध तक नहीं लेते। ऐसे में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों का कहना है कि एक ओर उनकी सड़क की खस्ता हालत है, वहीं दूसरी ओर उनकी सड़क जो रास्ता भी है में स्ट्रीट लाइटें न होने से दिहाड़ी लगाकर शाम को घर आने में भारी परेशानी होती है।

नगर पंचायत तलाई के अब तक के रहे सभी पदाधिकारियों ने गैहरा की अनदेखी की है। उन्होंने ने कहा कि गैहरा को स्ट्रीट लाइट लगाने के बजाय खड्डों के किनारे बने पार्कों में दर्जनों स्ट्रीट लाइटें लगा दी है जो बिल्कुल व्यर्थ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जहां पर 5 फीट लाइट लगाकर काम चल सकता था वहां पर 20-20 लाइटें लगा दी गई है। लोगों ने स्थानीय विधायक जीतराम कटवाल तथा उपायुक्त बिलासपुर से गहरा बस्ती के लिए बनी संपर्क सड़क को पक्का करने तथा सड़क के किनारे स्ट्रीट लाइटें लगाने की मांग की ताकि शहरी क्षेत्र में रहते हुए भी वे बदतर जीवन जीने पर मजबूर न हो।

नगर पंचायत तलाई की अध्यक्ष वंदना कुमारी का कहना है कि वन विभाग की ओर से अड़चन पैदा की जा रही हैं। कच्ची सड़क होने और कोई भी पेड़ न होने के बावजूद सड़क का काम नहीं करने दिया जा रहा है। जिसके कारण सड़क का काम शुरू नहीं हो पाया है।

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