NSS विशेष शिविर के छठे दिन स्वयंसेवकों ने स्वच्छता, संस्कृति और सामाजिक सेवा से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से समाज को जागरूकता और जनसेवा का संदेश दिया।
हिमखबर डेस्क
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मोरसिंघी में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन स्वयंसेवकों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समाज सेवा, स्वच्छता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं श्रमदान का संदेश दिया।
दिन की शुरुआत प्रातःकालीन प्रभात फेरी से हुई, जो मोरसिंघी बाजार से देहर गांव तक निकाली गई। इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने प्रातःकालीन प्रार्थना एवं हल्का व्यायाम किया।
परियोजना कार्य के अंतर्गत शिविर परिसर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ गोद लिए गए गांव के मंदिर एवं बाजार में प्लास्टिक कचरा हटाकर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसके अतिरिक्त स्थानीय अस्पताल परिसर में भी सफाई की गई।
शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने गुग्गा मंदिर तक ट्रैकिंग की। मंदिर परिसर में बच्चों ने भजन-कीर्तन एवं नृत्य प्रस्तुत कर अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस गतिविधि के माध्यम से स्वयंसेवकों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं एवं धार्मिक विरासत को जानने का अवसर मिला।
इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी श्री सुनील वर्मा तथा महिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती श्वेता शर्मा ने स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें समाज सेवा, स्वच्छता, अनुशासन, श्रमदान एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि एनएसएस केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, सहयोग और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। स्थानीय बाजार के लोगों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर विद्यार्थियों में श्रम के प्रति सम्मान, सामाजिक जिम्मेदारी एवं अनुशासन की भावना विकसित करते हैं। साथ ही, विद्यार्थियों को स्थानीय संस्कृति को समझने तथा आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का अवसर मिलता है।
अंत में यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता, सेवा, सहयोग और सांस्कृतिक एकता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी इस दिशा में एक सराहनीय पहल है।

