
शिमला – जसपाल ठाकुर
हिमाचल कैडर के आईपीएस ऑफिसर अरविंद दिग्विजय सिंह नेगी को एनआईए की अदालत से जमानत मिल गई है।
वीरवार को नेगी की गिरफ्तारी के 104 दिन पूरे हो गए। शुक्रवार को नेगी को जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा। अदालत ने ये आदेश वीरवार दोपहर 12ः30 बजे के आसपास जारी किए।
एक अन्य जानकारी के मुताबिक एनआईए ने करीब 15 दिन पहले ही चार्जशीट दाखिल की थी। अहम बात ये है कि इसमें नेगी के खिलाफ यूएपीए एक्ट के तहत चार्ज ही फ्रेम नहीं हो पाई। यही कारण रहा कि जमानत को मंजूर कर लिया गया।
बता दें कि एनआईए ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी की गोपनीय सूचना लीक करने के मामले में 18 फरवरी 2022 को नेगी को गिरफ्तार किया गया था।
नेगी की गिरफ्तारी शिमला से की गई थी। हालांकि एनआईए ने जमानत का विरोध किया, लेकिन अदालत ने जमानत आदेश जारी कर दिया।
एनआईए की अदालत में एडवोकेट माधव खुराना व संगरतन नेगी ने आईपीएस अधिकारी की पैरवी की। इस टीम में एडवोकेट रिया अरोड़ा भी शामिल थी।
दीगर है कि आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद देश में एक बहस भी छिड़ गई थी। इसमें गिरफ्तारी का विरोध भी हुआ था।
नेगी पर आरोप लगाया गया था कि कई प्रमुख मामलों की जांच के दौरान ओवरग्राउंड वर्कर्स के साथ संवेदनशील जानकारी साझा की गई थी।
उधर, फोन पर बातचीत में एडवोकेट संगरतन नेगी ने कहा कि शुक्रवार को रिहाई होगी। उन्होंने कहा कि आदेश की प्रतिलिपि मिलने के बाद ही अधिक जानकारी साझा की जा सकती है। दीगर है कि एनआईए ने 6 नवंबर 2021 को नेगी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
