चीनी की बढ़ती कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब थोक व्यापारी निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
हिमखबर डेस्क
चीनी के बढ़ते दामों पर अंकुश लगाने तथा बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला कुल्लू में चीनी के भंडारण एवं उपलब्ध स्टॉक की नियमित निगरानी की जा रही है।
जिला नियंत्रक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले कुल्लू पवन कुमार ने बताया कि जिले में कार्यरत थोक व्यापारियों के लिए चीनी के स्टॉक की सीमा निर्धारित की गई है।
जिला नियंत्रक ने बताया कि निर्धारित व्यवस्था के तहत जिले के सभी थोक व्यापारियों द्वारा निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके अनुसार जिले के समस्त थोक व्यापारी कुल 400 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे।
उन्होंने बताया कि सभी पंजीकृत थोक व्यापारियों को खाद्य भंडार पोर्टल foodstock.dfpd.gov.in पर अपने-अपने चीनी भंडार का दैनिक स्टॉक नियमित रूप से अद्यतन करना अनिवार्य होगा। इससे चीनी के उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण की निगरानी भी प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि ऐसे थोक उपभोक्ता, जिनकी चीनी की मासिक खपत 10 मीट्रिक टन से अधिक है, उनके लिए भी भंडारण सीमा निर्धारित की गई है। ऐसे उपभोक्ता अधिकतम 15 दिन की औसत खपत से अधिक चीनी का भंडारण नहीं कर सकेंगे।
जिला नियंत्रक ने बताया कि विभागीय निरीक्षकों को क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान चीनी के उपलब्ध स्टॉक, भंडारण सीमा तथा पोर्टल पर दर्ज दैनिक स्टॉक विवरण की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यापारी निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का भंडारण करते हुए या नियमों की अवहेलना करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना, कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी रोक लगाना तथा उपभोक्ताओं को उचित दरों पर चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। दैनिक स्टॉक विवरण के अद्यतन से बाजार में चीनी की उपलब्धता पर निरंतर निगरानी रखने में भी सहायता मिलेगी।

