
फतेहपुर – अनिल शर्मा
संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति ने फतेहपुर में प्रेस वार्ता कर बताया कि 16 अगस्त से बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन में देशभर से हजारों संगठन एवं उनके सदस्य हिस्सेदारी कर रहे हैं।
समिति की इस रोजगार आंदोलन के जरिये मांग है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय रोजगार नीति बनाकर संसद में कानून पास करे, जिससे देश के प्रत्येक नागरिक के लिए सम्मानजनक रोजगार की गारंटी हो सके।
समिति द्वारा 20 दिसंबर 2021 को राष्ट्रीय रोजगार नीति बनाकर कानून पास करने के लिए प्रधानमंत्री को लगभग 500 जिलों से जिलाधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया।
इसका अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। इसलिए संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति ने जनता के बीच जाने का फैसला लिया।
डॉ. संजीव गुलेरिया प्रदेश अध्यक्ष न्यू पेंशन स्कीम रिटायर्ड कर्मचारी अधिकारी महासंघ हिमाचल प्रदेश और प्रदेश महामंत्री हिमाचल रीजनल एलांयस ने बताया कि आज देश के अंदर एक तरफ बेरोजगारी चरम सीमा पर है, वहीं महंगाई की मार से आम आदमी परेशान है। सरकार को जल्द से जल्द बेरोजगारी का समाधान निकालना पड़ेगा।
इस अवसर पर पंकज दर्शी स्टेट कोआर्डिनेटर ने बताया कि पिछले महीने रोजगार आंदोलन से जुड़ने के लिए ऑनलाइन जनसंपर्क अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 50 हजार युवाओं ने पंजीकरण किया है।
रोजगार आंदोलन से जुड़ने के लिए जनसंपर्क जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। कॉलेज-यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ संवाद किया जाएगा। शहरों, कस्बों और गांवों में बैठकें की जाएंगी।
रोजगार आंदोलन जागरूकता अभियान के तहत 24 जुलाई को सुबह 11 बजे ट्विटर ट्रेंड चलाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस आंदोलन से जोड़ा जा सके।
