
कांगड़ा – राजीव जसबाल
पंचायत सनौरा के तीन वार्ड सदस्यों ने पंचायत प्रधान और उपप्रधान पर काम देने में भेदभाव का आरोप लगाकर इस्तीफा दे दिया है। पंचायत सनौरा के वार्ड दो, तीन तथा चार के वार्ड सदस्यों ने शनिवार को अपने पदों से इस्तीफे दे दिए।
पंचायत के सचिव विशाल सिंह को सौंपे संयुक्त त्यागपत्र में वार्ड सदस्य महेंद्र सिंह, अनिल कुमार तथा रमना देवी ने पंचायत की प्रधान सुनीता देवी तथा उपप्रधान रजनीश पर काम आदि देने में भेदभाव का आरोप लगाया है।
अनिल कुमार ने बताया कि डेढ़ साल में उनके वार्ड में कोई भी विकास कार्य नहीं करवाया गया। अभी कुछ समय पहले 35,000 रुपये का डंगा लगाने का काम आवंटित किया गया था, उसका भी पंचायत ने बाद में गलत भुगतान कर दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि अभी सबसे ज्यादा काम सिर्फ वार्ड नंबर पांच में ही हो रहे हैं, क्योंकि वहां प्रधान और उपप्रधान खुद ही काम करवा रहे हैं।
प्रधान और उपप्रधान के इस तरह के रवैये से मनरेगा के मजदूर भी काम न मिलने से परेशान हो रहे हैं। इस्तीफा देने वाले वार्ड सदस्यों ने बताया कि इस बारे में कई बार पंचायत प्रधान, उपप्रधान और सचिव से बात करने की भी कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। इसलिए मजबूर होकर उन्हें इस्तीफा देने का कड़ा कदम उठाना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि लोगों ने उन्हें काम करने के लिए चुना है। ऐसे में पिछले डेढ़ वर्ष से काम न करवा पाने के कारण हमारा इस पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
उधर, पंचायत सचिव विशाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में 21 मार्च को पंचायत की बैठक बुलाई गई है।
वहीं, पंचायत की प्रधान सुनीता देवी और उपप्रधान रजनीश ने कहा कि उन्हें इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।
