
कांगड़ा- राजीव जसवाल
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुदेश सहोंतरा ने सरकार द्वारा स्वर्ण समाज के गठन का मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का धन्यवाद किया है अगर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति का आयोग है.
अन्य पिछड़ा वर्ग का आयोग है तो समान्य वर्ग समाज का आयोग क्यों नहीं हो सकता. परन्तु सरकार का वाल्मीकि समाज कि पुरानी मांगो पर ध्यान क्यों नहीं जाता है सरकार की आँखे वाल्मीकि समाज के प्रति कब खुले गी.
सुदेश सहोंतरा ने गहरी चिंता व्यक्ति की कि उनकी पुरानी मांग थी की वाल्मीकि कल्याण बोर्ड का गठन हो.तो कांग्रेस सरकार मे स्वर्गीय मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र ने वाल्मीकि कल्याण बोर्ड का गठन किया था.परन्तु बहुत अफ़सोस की बात है की आज तक भाजपा सरकार ने वाल्मीकि कल्याण बोर्ड की एक भी बैठक नहीं की.
यहाँ से सिद्ध हो जाता है की सरकार वाल्मीकि समाज के प्रति कितनी गंभीर है सरकारी जमीनों पर 40.50 वर्षो से रह रहे समाज के लोगो की मांगो क़े प्रति मांग पत्र देकर थक चुके है बहुत विश्वास था जय राम ठाकुर सरकार पर लेकिन शायद यह हमारे मुंगेरीलाल के हसीन सपने थे.
अब सरकार से पुनः मांग करते है कि वाल्मीकि समाज जिनका शोषण होता आया है और आज भी जारी है उनकी मांगो को गंभीरता से ले.
उनके द्वारा कब्जे बिना शर्त नियमित करे.पंजाव और हरियाणा की तर्ज पर रिजर्वेशन वीथिन रिजर्वेशन 6% दिया जाये पंजाब और हरियाणा मे 12% है.कैंट कजलोट वार्ड नम्बर 2 वाल्मीकि बस्ती को आज तक रास्ता नहीं है.40 —-50 वर्ष पुराने कब्जे नियमित नहीं किये जिसके कारण अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र ना मिलने के कारण सरकारी सुबिधाओं से वँचित रह जाते है.
अन्य राज्यों की तरह सफाई कर्मचारी अयोग का गठन किया जाये.अगर हक़ प्रदर्शन और विधान सभा का घेराव करने से मिलता है तो वाल्मीकि समाज सड़को पर आंदोलन से गुरेज नहीं करेगा जिसके लिए हमें कोई भी वलिदान क्यों ना देना पड़े।
आज वाल्मीकि समाज उपेक्षा का शिकार इसलिए है क्योंकि वाल्मीकि समाज का कोई भी नेता सरकार मे नहीं है ओ बी सी वर्ग के मंत्री भी है विधायक भी है.अनुसूचित जाति जनजाति के मंत्री भी है विधायक और सांसद भी है और अन्य के मुख्य मंत्री और मंत्रीओ की फौज है।
