
धर्मशाला, राजीव जसबाल
हिमाचल करूणामुलक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार करुणामूलक आश्रितों गगन कुमार, गुलशन कुमार, शेखर इत्यादि सहित मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलने धर्मशाला पहुंचे तथा मुख्यमंत्री से करुणामूलक नोकरियाँ अगली कैबिनेट में बहाल करने की माँग की और अपनी माँगो को मुख्यमंत्री के समक्ष् रखा।
ज्ञापन मैं मुख्य मांगे ये थी
1)समस्त विभागों, बोर्डों, निगमों में लंबित पड़े करुणामूलक आधार पर दी जाने वाली नोकरियों के केसों को जो 7/03/2019 की पॉलिसी मे आ रहे हैं उनको One Time Settlement के तेहत सभी को एक साथ नियुक्तियाँ दी जाएं |
2) करुणामूलक आधार पर नोकरियों वाली पॉलिसी में संसोधन किया जाए व उसमे Rs 62500 एक सदस्य सालाना आय सीमा शर्त को पूर्ण रूप से हटा दिया जाए
3) योग्यता के अनुसार आश्रितों को बिना शर्त के सभी श्रेणीयो में नौकरी दी जाऐ
4) 5% कोटा शर्त को हटा दिया जाए ताकि विभाग अपने तोर पर नियुक्तियाँ दे सके
5) जब किसी महिला आवेदक की शादी हो जाती है तो उसे पॉलिसी से बाहर किया जाता है इस शर्त को भी हटाया जाए।
6) जिनके कोर्ट केस बहाल हो गए है उन्हें भी नियुक्तियाँ दी जाए |
करुणामूलक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने करुणामूलक संघ समस्याओं को गंम्भीरता से लिया । मुख्यमंत्री ने कहा जल्द ही ज्ञापन मै लिखी मांगें जल्द पूरी की जायेंगी।
बता दें कि करुणामूलक आधार पर नौकरी देने के मामलों पर अभी सरकार कोई अंतिम फैसला नहीं ले पाई है। जवकि सरकार के पास विभिन्न विभागों में करुणामूलक के लंबित करीब 4500 मामले पहुंचे हैं और प्रभावित परिवार करीब 15 साल से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं।
कई विभागों में कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने के बाद आश्रित परिवार की महिला ने बच्चे छोटे होने के कारण नौकरी नहीं ली थी जब बच्चे नौकरी योग्य हुए तो उन्हें नोकरी के लिए अब धक्के खाने पड़ रहे है।
