
इस्लामाबाद।व्यूरो रिपोर्ट
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि अगर एक बार कश्मीर समस्या हल हो जाती है, तो परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की कोई आवश्यकता नहीं होगी। इमरान ने कहा है कि अगर कश्मीर मसले का हल हो जाता है, तो दोनों पड़ोसी सभ्य लोगों की तरह रहेंगे और तब हमें परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की आवश्यकता भी नहीं होगी।
उन्होंने हालांकि इस खुफिया रिपोर्ट को खारिज किया कि उनके देश के पास विश्व में सबसे तेजी से बढ़ रहे परमाणु हथियारों का जखीरा है। श्री खान ने कहा कि मुझे नहीं पता है कि उनके पास यह जानकारी कहां से आई है और पाकिस्तान के परमाणु हथियार मात्र एक प्रतिरोधक क्षमता के रूप में हैं, जो केवल हमारी सुरक्षा के लिए हैं।
जहां तक मेरी जानकारी है, तो यह कोई बुरी बात नहीं है, खासकर जब आपको पता है कि आप का पड़ोसी कौन है और कोई भी देश जिसका पड़ोसी आकार में सात गुना बड़ा है , वह इस बात को लेकर तो चिंतित ही रहेगा।
यह पूछे जाने पर कि चीन के उइगर मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर पाकिस्तान आखिरकार क्यों आवाज नहीं उठाता है, तो श्री खान ने कहा कि चीन के साथ ऐसे सभी मसलों पर बंद दरवाजों के पीछे बातचीत हुई है।
हमारे सबसे कठिन दौर में चीन हमारे सबसे अच्छे दोस्तों में से एक रहा है और जब हम वाकई संघर्ष कर रहे थे, तो चीन हमारी मदद के लिए आगे आया। हम उसका सम्मान करते हैं और जो भी मसले सामने आए हैं, हमने बंद दरवाजों के पीछे उनको लेकर बातचीत की है।
