
शिमला, जसपाल ठाकुर
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने बाहर से आने वाले पर्यटकों या अन्य लोगों को आरटीपीसीआर टेस्ट की अनिवार्यता खत्म करने पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि देश में अभी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है, ऐसे में अगर बाहर से कोई संक्रमित व्यक्ति यहां आता है, तो यह प्रदेश के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
राठौर ने कहा कि सरकार को इस फैसले पर पुनः विचार करना चाहिए। देश में अभी कोरोना की दूसरी लहर चल रही है, जबकि तीसरी लहर का खतरा सिर पर मंडरा रहा है। कोरोना टेस्टिंग के साथ-साथ प्रदेश में वैक्सीनेशन का कार्य तेज करने की बहुत ही जरूरत है। उन्होंने कोरोना को लेकर प्रदेश सरकार के ढुलमुल रवैये पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि पहले दौर में जब कोरोना संक्रमण में कुछ कमी आई थी, उसके बाद सरकार बेपरवाह हो गई थी।
उस का कारण आज प्रदेश में 3500 से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं। कोरोना का संकट अभी टला नहीं है, ऐसे में किसी ज्यादा भीड़भाड़ से बचने की बहुत ही आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुचारू करने की बहुत आवश्यकता है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ वाले दैनिक कामकाजी लोगों को आने-जाने में सुविधा हो सके। उन्होंने कहा कि सभी बसों को प्रॉपर ढंग से सेनेटाइज किया जाना चाहिए, जिससे कोरोना की कोई भी चेन आगे न बढ़े।
राठौर ने अपनी मांग फिर दोहराई है कि कोरोना से प्रभावित सभी कारोबारियों के साथ-साथ होटल वालों, किसानों, बागबानों को कोई राहत पैकेज जारी किया जाए। सरकार को बढ़ती बेरोजगारी को दूर करने के किसी ठोस उपाय पर भी जल्द काम करते हुए बढ़ती महंगाई से आम लोगों को राहत देने के उपाय करने चाहिए।
