
धर्मशाला, राजीव जस्वाल
वीजा नियमों का उल्लंघन करने व अनाधिकृत तौर पर भारत में प्रवेश करने के अारोपित चीनी नागरिक को बुधवार को देहरा की अदालत ने दस माह कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के दस गवाहों की गवाही व दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शीतल शर्मा की अदालत ने चीनी नागरिक ल्यू शीअोडन को दोषी ठहराते हुए उसे विदेशी अधियनिम 1946 की धारा 14 के तहत दस महीने के साधारण कारावास व दस हजार रुपये जुर्माने व विदेशी पंजीकरण अधिनियम की धारा पांच के तहत छह महीने के साधारण कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि अदा न करने पर चीनी नागरिक को एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
चीनी नागरिक को 8 जुलाई 2020 को जिला कांगड़ा कलोहा बैरियर पर पुलिस थाना रक्कड़ की टीम ने ऊना से आ रही HRTC की बस में पकड़ा था। पुलिस को मौके पर उससे कोई दस्तावेज न मिलने पर उसे बस से उतारकर अग्रवाल सराय ज्वालामुखी में रखा था। पुलिस ने जब उसके दस्तावेजों की जांच की तो इस चीनी नागरिक ने भारतीय वीजा नियमों का उल्लंघन करने के साथ साथ अनाधिकृत तौर पर भारत में प्रवेश किया था।
इस बीच धर्मशाला के मैक्लोडगंज में रह रहे तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं, हालांकि पुलिस व जांच एजेंसियों को उसके किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि में शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला था। लेकिन अनधिकृत से भारत में आने पर अदालत ने उसे सजा सुनाई है।
