हिमाचल: ऋषिकेश स्कूल में 7 दिवसीय NSS शिविर संपन्न, साहिल और आकांक्षा बने सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवी

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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऋषिकेश में सात दिवसीय एनएसएस शिविर का समापन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, इस दौरान साहिल और आकांक्षा को सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवी चुना गया।

हिमखबर डेस्क

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऋषिकेश में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर का शुक्रवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। शिविर के अंतिम दिन स्वयंसेवियों ने प्रभात फेरी निकाली तथा हल्का व्यायाम कर दिन की शुरुआत की। दोपहर के समय आयोजित समापन समारोह में स्वयंसेवियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया।

समारोह में मर्चेंट नेवी में कार्यरत इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रमेश्वर शर्मा तथा उनकी पत्नी रेखा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य शशि पाल, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार एवं अमिता कुमारी ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया। इसके उपरांत उन्होंने सात दिवसीय शिविर के दौरान आयोजित गतिविधियों एवं स्वयंसेवियों की उपलब्धियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

‘Not Me, But You’ के सिद्धांत को जीवन में अपनाएं स्वयंसेवी

मुख्य अतिथि रमेश्वर शर्मा ने अपने संबोधन में स्वयंसेवियों को शिविर के दौरान सीखी गई बातों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल मंत्र ‘Not Me, But You’ अर्थात ‘मैं नहीं, बल्कि आप’ निस्वार्थ सेवा, सहयोग और दूसरों के प्रति समर्पण की भावना को दर्शाता है। स्वयंसेवियों को अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर समाज और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए केवल दूसरों को प्रेरित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वयं भी अपने आचरण और कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना आवश्यक है। विद्यार्थियों को अनुशासन, ईमानदारी, परिश्रम और सेवाभाव को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने स्वयंसेवियों से आह्वान किया कि वे शिविर से प्राप्त अनुभवों को अपने गांव, विद्यालय और समाज तक पहुंचाएं तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

मर्चेंट नेवी और रक्षा सेवाओं में करियर की संभावनाओं पर डाला प्रकाश

अपने संबोधन के दौरान रमेश्वर शर्मा ने विद्यार्थियों को मर्चेंट नेवी में करियर बनाने के विभिन्न अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समुद्री क्षेत्र में उपलब्ध तकनीकी एवं अन्य व्यावसायिक संभावनाओं, आवश्यक शैक्षणिक योग्यताओं तथा संबंधित प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार करियर का लक्ष्य निर्धारित करने तथा उसके लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करने की सलाह दी।

उन्होंने रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों को भी प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि देश की सेवा करने के लिए अनुशासन, शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता और समर्पण की भावना अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों को विभिन्न प्रवेश मार्गों, पात्रता मानदंडों और चयन प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त करके समय रहते तैयारी शुरू करनी चाहिए।

सात दिनों तक समाजसेवा और जनजागरूकता गतिविधियों में सक्रिय रहे स्वयंसेवी

सात दिवसीय एनएसएस शिविर के दौरान स्वयंसेवियों ने विभिन्न सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भाग लिया। शिविर में स्वच्छता अभियान, नशामुक्ति जागरूकता, प्लास्टिक मुक्त भारत का संदेश, टीबी से बचाव, साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन तथा सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गईं। इसके अतिरिक्त गोद लिए गए गांव दमाली में स्वच्छता अभियान चलाकर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।

शिविर के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में स्वयंसेवियों के साथ संवाद किया और उन्हें स्वास्थ्य, सुरक्षा, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा भविष्य में करियर के अवसरों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। योग, व्यायाम, ड्रिल, खेलकूद प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

साहिल और आकांक्षा को मिला बेस्ट वॉलंटियर का सम्मान

समापन समारोह के दौरान शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवियों को सम्मानित किया गया। सात दिनों तक विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी, अनुशासन और समर्पण के आधार पर साहिल और आकांक्षा को बेस्ट वॉलंटियर चुना गया। इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवियों एवं विभिन्न समूहों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री शशि पाल चौहान ने शिविर के सफल आयोजन के लिए एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों एवं स्वयंसेवियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों में समाजसेवा, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहयोग और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समारोह का समापन स्वयंसेवियों के उत्साह और सकारात्मक संकल्प के साथ हुआ। सात दिवसीय शिविर ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि समाजसेवा केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन में अपनाया जाने वाला ऐसा मूल्य है, जिसके माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दिया जा सकता है।

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