कांगड़ा के ज्वाली निवासी अनुज कुमार भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट बने हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
ज्वाली – शिवू ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के युवाओं का भारतीय सेना में जाकर देश सेवा करने का जज्बा लगातार कायम है। इसी कड़ी में कांगड़ा जिले के उपमंडल ज्वाली के अंतर्गत आने वाले दोराना गांव के अनुज कुमार ने भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट बनकर अपने परिवार, गांव और पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।
अनुज कुमार के सेना में अफसर बनने की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव दोराना में खुशी की लहर दौड़ गई है। तरसेम सिंह के बेटे अनुज कुमार की यह सफलता उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत का परिणाम है। अनुज की प्रारंभिक शिक्षा बीबीएमबी डीएवी पब्लिक स्कूल नंगल (पंजाब) से पूरी हुई।
इसके बाद उन्होंने पंजाब टैक्निकल यूनिवर्सिटी कपूरथला से बीटैक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग करने के बावजूद अनुज के दिल में देश सेवा का जज्बा था। उन्होंने हार नहीं मानी और अपने तीसरे प्रयास में कठिन मानी जाने वाली एसएसबी परीक्षा पास कर ली।
एसएसबी क्लीयर करने के बाद अनुज ने सितम्बर 2025 में ऑफिसर्ज ट्रेनिंग अकादमी गया (बिहार) ज्वाइन की। एक साल के कड़े सैन्य प्रशिक्षण के बाद बीते 5 सितम्बर को अनुज पासआऊट हुए। उन्हें भारतीय सेना की प्रतिष्ठित सिख रैजिमैंट में बतौर लैफ्टिनैंट कमीशन प्राप्त हुआ है।
अनुज एक साधारण और मेहनती परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता तरसेम सिंह बीबीएमबी नंगल में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता सुमन कुमारी गृहिणी हैं। अपनी इस शानदार उपलब्धि पर अनुज कुमार ने कहा कि उनके दिल में हमेशा से ही देश सेवा का जज्बा था और देश की रक्षा करना ही उनका एकमात्र लक्ष्य रहेगा।
उन्होंने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद, गुरुजनों के मार्गदर्शन और अपनी निरंतर कड़ी मेहनत को दिया है। गांववासियों और परिजनों को अनुज की इस उपलब्धि पर गर्व है और उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

