हिमाचल के ठानपुरी-परौर फोरलेन का काम धीमी गति से चलने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। काम पूरा होने की समयसीमा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
काँगड़ा – राजीव जस्वाल
हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित नेशनल हाई-वे के निर्माण कार्य 90 फीसदी तक पूरा होने का दावा करने वाले एनएचएआई के आंकड़े मटौर-शिमला, ठानपुरी-परौर, पठानकोट-मंडी, कीतरपुर-मनाली और परवाणू-शिमला फोरलेन पर झूठे साबित हो रहे है। ठानपुरी से परौर तक चले फोरलेन का काम कब पूरा होगा यह कोई नहीं बता सकता।
लोगों के अनुसार कछुआ गति चले काम से आए दिन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, राजोल से आगे फोरलेन नहीं बन पाया है। परवाणू-शिमला फोरलेन का काम भी कब पूरा होगा इसका जवाब भी एनएचएआई के पास नहीं है।
एनएचएआई के अनुसार हिमाचल में सात एनएच का निर्माण अपनी मंजिल के करीब है। नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इन राष्ट्रीय मार्गों का निर्माण कार्य 90 फीसदी से ऊपर कर लिया है, जबकि कुछ हाई-वे पर भी निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चला हुआ है।
वहीं शेष हाई-वे का काम बरसात खत्म होने के साथ ही रफ्तार पकड़ लेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का वर्तमान में 15 प्रमुख परियोजनाओं पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसके तहत मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिला की कई परियोजनाएं 95 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी हैं।
इनमें पद्धर-बिजनी परियोजना के तहत 19.05 किलोमीटर लंबे हिस्से का 99.86 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। इसी तरह सिहुणी-रजोल परियोजना 99.18 प्रतिशत, रानीताल-भंगबार से कांगड़ा बाइपास परियोजना 98.48 प्रतिशत, हमीरपुर बाइपास से भंगबार पैकेज 97.20 प्रतिशत और पंडोह-टकौली परियोजना 95.65 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी है।
एनएचएआई द्वारा बिजली-मंडी के पांच किलोमीटर से अधिक हिस्से के निर्माण कार्य का अभी तक 35 फीसदी से उपर कार्य हुआ है, जबकि कांगड़ा जिला में ठानपुर-परौर परियोजना 56.61 प्रतिशत तथा हिमाचल-पंजाब सीमा से पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग के 28.70 किलोमीटर हिस्से में 68.60 प्रतिशत निर्माण पूरा हो पाया है।
बिलासपुर-शिमला फोरलेन के तहत कालरबाला से नौणी चौक तक 17.45 किलोमीटर लंबे पैकेज में 31.46 प्रतिशत निर्माण कार्य हुआ है। दरेओटा से कालरबाला तक 7.825 किलोमीटर का कार्य भी चल रहा है।
शिमला बाइपास परियोजना अंतिम चरण में
शिमला बाइपास परियोजना भी अलग-अलग पैकेजों में आगे बढ़ रही है। सोलन-कैथलीघाट के बीच 21.50 किलोमीटर लंबे फोरलेन का 91.60 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है और यह भी अंतिम चरण में पहुंच गया है, जबकि कैथलीघाट से शकराल तक 64.20 प्रतिशत तथा शकराल से ढली तक 60.50 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।
मजबूत होगी कनेक्टिविटी
प्रदेश में चल रही इन 15 परियोजनाओं के निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद कनेक्टिविटी मजबूत होगी। वहीं मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन और शिमला जैसे प्रमुख जिलों के बीच यात्रा समय में कमी आएगी और सफर भी सुहाना होगा। हाई-वे पर चल रहे कार्यों को लेकर मानसून सत्र में यह जानकारी निकल कर सामने आई है।

