डगशाई पब्लिक स्कूल में नौवीं के छात्र से रैगिंग, पिटाई कर हॉस्टल से निकाला; पांच सीनियर पर केस

--Advertisement--

हिमाचल के डगशाई पब्लिक स्कूल में नौवीं कक्षा के छात्र के साथ रैगिंग और मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने पांच सीनियर छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

सोलन – रजनीश ठाकुर

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित डगशाई पब्लिक स्कूल के हास्टल में नौवीं कक्षा के छात्र की रैगिंग, पिटाई व धमकाने के आरोप में पुलिस ने पांच नाबालिग सीनियर छात्रों के विरुद्ध धर्मपुर थाना में मामला दर्ज किया है। स्कूल प्रबंधन ने पांचों छात्रों को निलंबित कर दिया है। प्रधानाचार्य तेजेंद्रजीत सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद सख्त निर्णय लिया जाएगा। पीड़ित और आरोपित पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ है, जिसमें एक छात्र दूसरे को थप्पड़ मारता दिखाई दे रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कई अभिभावक स्कूल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि हास्टल में लंबे समय से चल रही इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।

हरियाणा के जगाधरी क्षेत्र के कुछ स्वजन ने स्कूल प्रबंधकों से ट्रांसफर सर्टिफिकेट मांगकर बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने के लिए आवेदन किया है। छात्रों का आरोप है कि सीनियर उनसे पैसों की मांग भी करते थे।

छह सितंबर को स्कूल में पढ़ने वाले कुछ छात्रों के अभिभावकों ने पुलिस में शिकायत दी थी कि 11वीं व 12वीं कक्षा के पांच छात्र करीब चार माह से जूनियर छात्रों की रैगिंग, पिटाई, धमकी व अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। पांच सितंबर को भी हॉस्टल के कमरे से नौवीं कक्षा के छात्र को जबरन बाहर खींचकर उसकी पिटाई की गई।

उधर,शिकायत मिलते ही पुलिस ने धर्मपुर थाना में हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 115(2), 351(2), 351(3), 352, 126(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।

सोलन की पुलिस अधीक्षक टीएस साई दत्तात्रेय वर्मा ने बताया कि  रैगिंग को लेकर कानून में कड़े प्रावधान हैं और इस तरह की घटनाओं को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हिमाचल में रैगिंग के चर्चित मामले

  1. अमन काचरू रैगिंग मामला (मार्च 2009)

हिमाचल प्रदेश के टांडा (कांगड़ा) स्थित डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज में एमबीबीएस के प्रशिक्षु अमन काचरू की रैगिंग से मौत का मामला देशभर में चर्चित रहा था। प्रथम वर्ष के छात्र अमन काचरू की वरिष्ठ छात्रों द्वारा की गई रैगिंग और पिटाई के कारण मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम में सिर पर गंभीर चोटें आने की पुष्टि हुई थी।

इस मामले में अदालत ने चार वरिष्ठ छात्रों को गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया था। इस घटना के बाद भारत और हिमाचल प्रदेश में रैगिंग विरोधी कानूनों को और अधिक सख्त बनाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उच्च शैक्षणिक संस्थानों के लिए बेहद सख्त एंटी-रैगिंग गाइडलाइंस लागू कीं।

2. धर्मशाला कालेज छात्रा मामला 2025 :

धर्मशाला स्थित सरकारी डिग्री कालेज की 19 वर्षीय छात्रा पल्लवी की 26 दिसंबर, 2025 को इलाज के दौरान लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में मौत हो गई। पिता विक्रम कुमार ने तीन छात्राओं पर मारपीट, रैगिंग और सहायक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिससे वह डिप्रेशन का शिकार हो गई। मामला न्यायाधीन है।

 3. आइआइटी मंडी 2023 :

आइआइटी मंडी में फ्रेशर्स पार्टी के दौरान जूनियर के साथ रैगिंग का मामला सामने आया था। 72 छात्रों को दोषी पाया गया था। 10 सीनियर को छह महीने के लिए निलंबित किया। शेष पर ₹15,000 से ₹25,000 तक का जुर्माना लगा।

4. एनआइटी हमीरपुर 2014 :

एनआइटी हमीरपुर में रैगिंग के दोषी पाए जाने पर 28 इंजीनियरिंग छात्रों को हास्टल से निष्कासित और निलंबित कर दिया गया था। 2011 में भी पुलिस शिकायत के बाद कुछ छात्रों की गिरफ्तारी हुई थीं।

मेडिकल कालेजों में भी कई मामले

इसके अलावा कुछ वर्ष में टांडा मेडिकल कालेज, इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज शिमला, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कालेज (नेरचौक), डा. वाईएस परमार मेडिकल कालेज नाहन और चंबा मेडिकल कालेज में प्रशिक्षु डाक्टर की रैगिंग के मामले सामने आए। छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई (निलंबन और जुर्माना) की गई।

--Advertisement--
--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related