हिमाचल विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने OPS को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना राजनीतिक फैसला नहीं है और शेष बचे कर्मचारियों को भी इसका लाभ दिया जाएगा।
हिमखबर डेस्क
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल के पात्र सभी कर्मचारियों को सरकार ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ मिलेगा। सत्ता में आने के बाद पहली की कैबिनेट में सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस देने का फैसला लिया था। यह राजनीतिक लाभ का फैसला नहीं था। प्रदेश में ओपीएस के कोई भी शेष केस होंगे, उन सभी को सरकार इसका लाभ देगी।
मुख्यमंत्री मानसून सत्र के प्रश्नकाल में विधायक डा. जनक राज के सवाल का जवाब दे रहे थे। दरअसल विधायक ने सवाल उठाया कि पूर्व कर्मचारी जो रिटायर हुए हैं, वह एनपीएस में थे। पैसा जमा करवाने के बाद अब उन्हें न तो ओपीएस मिल रही और न एनपीएस।
इससे पहले विधायक दीपराज के मूल सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार कर्मचारियों की 10 हजार करोड़ की देनदारियां छोड़ गई। जिस समय हमने सता संभाली, प्रदेश आर्थिक सकंट में जा चुका था। सरकार ने इस चुनौती को पार करते हुए 67 वर्ष आयु से उपर के सरकारी कर्मचारियों का एरियर और पे एरियर का भुगतान कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार पेंशनरों के लिए संवेदनशील है। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के पेंशन का जिक्र सदन में करते हुए कहा कि उनका लंबित भुगतान कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने चुनावों से ठीक पहले छठा वेतन आयोग लागू कर दिया, लेकिन कर्मचारी अधिकारियों के लिए सिर्फ 50 हजार रूपये रखा।
उधर, सदन के बाहर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 67 साल के उपर के सभी पैंशनर है, उनका पैंशन का एरियर पूरा दे दिया गया है और क्लास फोर के जितने भी कर्मचारी है, 58 साल से रिटायर हुए है पेंशन का एरियर दे दिया है। बीजेपी ने जाते-जाते चुनावों से पहले सिर्फ 50 हजार सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों को दिया था।
सीएम ने कहा कि आरडीजी बंद होने के बाद भी सरकार ने धीरे-धीरे पेंशनरों का एरियर दे रहे है। 1-1-16 से 31-1-22 तक का क्लास थ्री का तकरीबन 55 प्रतिशत एरियर दे दिया है। क्लास फोर का पे एरियर का बीस हजार हमने दिया। क्लास वन और टू का 1-1-16 के बाद के पेंशन एरियर का 15 प्रतिशत दे दिया है।
सीएम ने कहा कि जैसे-जैसे हमारी स्थिति थोड़ी सी मजबूत होती है हम सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों के लंबित भुगतान कर रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भष्ट्राचार के चोर दरवाजे बंद रखे है और एक-एक पैसा जोड़ कर भुगतान कर रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के पेंशन एरियर और पे एरियर को नहीं रोकेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की आथिक स्थिति में जेसे-जैसे सुधार हो रहा है हम धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे है। ट्रेजरी में जितना पैसा था, उतना सरकार ने कर्मचारियों को दिया है और आगे भी देंगे। उन्होंने कहा कि परिस्थतियों के हिसाब से काम कर रहे है और किसी के दबाव में आकर यह नहीं दूंगा। सीएम ने कहा कि कर्मचारी और अधिकारियों को उनका हक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत कर्मचारी अधिकारियों ने प्रदेश हित में दिन रात एक किया है, उन सब को एरियर-पे एरियर देंगे, लेकिन उन्हें भी थोड़ा सहयोग देने की जरूरत है।
सरकार ने दिया 2229 करोड़ का वेतन व पेंशन का एरियर
मूल सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की कठिन आर्थिक स्थिति के बावजूद सरकार ने अब तक 2229 करोड़ रूपये के वेतन व पेंशन आदि के एरियर का भुगतान प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को किया है। उन्होंने बताया कि लंबित लाभों को चरणबद्ध तरीके से सरकार दे रही है। प्रदेश में सरकारी विभागों में पेंशनर्ज और फैमली पेंशनर्ज की कुल संख्या 1 लाख, 90 हजार है। इन्हें हर माह की पहली तारीख को पेंशन दी जा रही है।

