हमीरपुर से लापता हुई तीन स्कूली छात्राओं को पुलिस ने गुजरात से बरामद कर लिया है। छात्राओं की बरामदगी के बाद पुलिस अब उनके गुजरात पहुंचने और वहां जाने की वजह से जुड़े दो अहम सवालों के जवाब तलाश रही है।
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से पिछले सप्ताह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई 3 नाबालिग स्कूली छात्राओं के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। सदर पुलिस की एक विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों बच्चियों को हजारों किलोमीटर दूर गुजरात से सकुशल बरामद कर लिया है।
बुधवार देर रात पुलिस टीम बच्चियों को लेकर हमीरपुर वापस लौट आई। वीरवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए तीनों छात्राओं के अदालत में बयान दर्ज करवाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार टोणी देवी पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक इलाके की ये तीन छात्राएं (जिनमें एक 7वीं और दो 10वीं कक्षा में पढ़ती हैं) बीते सप्ताह रोजमर्रा की तरह घर से स्कूल के लिए निकली थीं, लेकिन वे स्कूल नहीं पहुंचीं।
पुलिस की शुरूआती जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि तीनों बच्चियां एक निजी बस में सवार होकर हमीरपुर बस अड्डे पहुंची थीं। वहां से उन्होंने अपना रास्ता बदला और गुजरात तक का लंबा सफर अकेले ही तय किया।
बच्चियों के सुरक्षित घर लौटने से परिजनों और पुलिस ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन एक साथ 3 स्कूली बच्चियों के अचानक गुजरात पहुंच जाने की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से तफ्तीश कर रही है।
जांच की सुई मुख्य रूप से इन दो बड़े सवालों पर टिकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 7वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली इन नाबालिग बच्चियों के पास हिमाचल से गुजरात तक का लंबा सफर तय करने, खाने-पीने और रहने के लिए पैसे कहां से आए?
वहीं पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या किसी अज्ञात व्यक्ति, सोशल मीडिया के दोस्त या किसी संगठित गिरोह ने इन बच्चियों को बहला-फुसलाकर, या नौकरी/पैसे का लालच देकर गुजरात तो नहीं बुलाया था?
हर एंगल को खंगाल रही पुलिस : एएसपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी हमीरपुर राजेश उपाध्याय ने बताया कि बच्चियों को सुरक्षित वापस लाना पुलिस की पहली प्राथमिकता थी, जिसमें सफलता मिली है। बच्चियों के कोर्ट में बयान दर्ज हो चुके हैं। अब पुलिस नियमानुसार मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।
यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चियां गुजरात कैसे पहुंचीं और इस पूरे घटनाक्रम में उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। अगर इस मामले में किसी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और उनके मोबाइल फोन/सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर नजर रखें, ताकि बच्चे किसी भी साइबर या आपराधिक गिरोह के झांसे में न आएं।

