हिमख़बर डेस्क
अकसर देखा गया है कि सुबह के खाने में कई बार हरी सब्जियां नहीं होती हैं, तो उस समय यह बड़ी समस्या आ जाती है कि नाश्ते में क्या बनाएं।
अब सुबह का नाश्ता है तो जायकेदार होना चाहिए, क्योंकि दिन की शुरूआत जायके से होगी, तो पूरा दिन बेहतर गुजरेगा।
हिमाचल के गांवों में अकसर देखा गया है कि सुबह अगर सब्जी बनी भी हो, तब भी कुछ और जायकेदार होना चाहिए।
कई बार बेसन लगाकर आलू के स्लाइस बना लिए जाते हैं, तो कई बार सब्जी के साथ हरी चटनी चपाती के साथ ऐड कर ली जाती है।
एक और ऐसी ही डिश है, जो हिमाचल के ग्रामीण इलाकों में लोग अकसर सुबह के नाश्ते के साथ हफ्ते में एक-दो बार बना ही लेते हैं।
यह हैं चलेरी या चौलाई के पकौड़े या पतरोड़े (पहाड़ी भाषा में प्रचलित शब्द)। गांवों में चलेरी के पत्ते आसानी से मिल जाते हैं और बरसात में तो इसकी भरमार होती है। चलेरी के यह पकौड़े बनाना बेहद आसान है, तो आइए जानते हैं रेसिपी।
कैसे बनाएं चलेरी के पतरोड़ू
- सबसे पहले चलेरी या चौलाई के पत्ते इकट्ठा करें।
- इन पत्तों को अच्छी तरह पानी से धो लें।
- अब एक बड़े से पैन में बेसन का घोल बनाएं।
- बेसन के घोल में हरा धनिया, हरी मिर्च, नमक, मसाले स्वादानुसार डालें।
- अब इस घोल में चलेरी के तीन चार पत्ते डालें और बेसन का दोनों तरफ लेप लगाकर तवे पर पकाएं। तेल का ज्यादा इस्तेमाल न करें। हल्का-हल्का तेल लगाते रहें।
- एक बार में आप तवे पर दो या तीन पतरोड़े बना सकते हैं।
- अच्छी तरह पकाने के बाद यह कुरकुरे हो जाएंगे, जो चपातियों के साथ बेहद स्वादिष्ट लगते हैं।
- हिमाचल में अलग-अलग जगहों पर इसे आम पकौड़ों की तरह भी बनाया जाता है और अलग-अलग मसाले डाले जाते हैं।
- तो देर किस बात की एक बार हिमाचल की यह रेसिपी जरूर ट्राई करें। इसका जायका आपको बेहद पसंद आएगा।

