हिमखबर डेस्क
पुलिस जिला कांगड़ा में नशे का काला जाल इस कदर फैल चुका है कि राज्यव्यापी एंटी-चिट्टा अभियान के तहत 15 पंचायतों को हेरोइन (चिट्टा) का ‘रेड जोन’ घोषित करना पड़ा है। इन क्षेत्रों में चिट्टा और नशे की बढ़ती समस्या को देखते हुए पुलिस ने व्यापक स्तर पर जनजागरण अभियान छेड़ दिया है।
यह सभी चिह्नित पंचायतें धर्मशाला, पालमपुर, नगरोटा बगवां और कांगड़ा उपमंडल के अंतर्गत आती हैं। एक माह के भीतर पुलिस टीम चारों उपमंडलों की 25 पंचायतों में पहुंचकर लोगों को इस जानलेवा लत के प्रति सचेत कर चुकी है।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों और पुलिस चौकी प्रभारियों ने स्वयं फील्ड में उतरकर पंचायतों के साथ-साथ 40 स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में दस्तक दी।
एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर के बोल
एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर ने बताया कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया गया। साथ ही युवाओं को चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया ताकि उन्हें नशे के इस जाल में फंसने से बचाया जा सके।

