चार लोगों ने भारी बारिश और दो ने खराब मौसम के बीच हुए सडक़ हादसों में गंवाई जान
हिमखबर डेस्क
हिमाचल में मानसून की एंट्री के पहले ही दिन तेज बारिश के चलते हुई दुर्घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं।
मृतकों में से दो लोगों की मौत सडक़ दुर्घटनाओं में हुई, जबकि एक व्यक्ति की पहाड़ी से फिसलने और एक की करंट लगने से जान गई। दो अन्य लोगों की भी अलग-अलग हादसों में मौत हुई है।
प्रदेश के कांगड़ा जिला में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि मंडी जिला में एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं कांगड़ा और लाहुल-स्पीति में रोड एक्सीडेंट के कारण दो लोगों की जान चली गई है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बुधवार शाम तक प्रदेश में एक एनएच 35 सडक़ें बंद हो गई थीं, जबकि 127 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है।
एसईओसी की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक 18 सडक़ें कुल्लू जिला में बंद हैं। इसके अलावा मंडी में 11, जबकि ऊना, सिरमौर और लाहुल-स्पीति में दो-दो सडक़ें यातायात के लिए बंद हैं। लोक निर्माण विभाग प्रभावित मार्गों को जल्द बहाल करने के लिए मशीनरी और कर्मचारियों की मदद से युद्धस्तर पर काम कर रहा है।
बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। प्रदेश में 127 ट्रांसफार्मर बंद हैं। इनमें कुल्लू में 86, सोलन और सिरमौर में 12-12, मंडी में 11 तथा ऊना में पांच ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। इससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
राहत की बात यह है कि प्रदेश में फिलहाल किसी भी पेयजल योजना के प्रभावित होने की सूचना नहीं है। बारिश के कारण मंडी और शिमला जिलों में एक-एक कच्चा मकान भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताए जाने के बीच प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लोक निर्माण विभाग को अब तक 582.42 लाख रुपए का नुक्सान हुआ है। विभाग को हुए नुक्सान का यह आंकड़ा 20 जून से पहलीजुलाई तक की अवधि का है। इसमें सबसे अधिक नुकसान विभाग के कांगड़ा जोन में दर्ज किया गया है।

