हिमाचल की 1293 पंचायतों में मतदान कल, थमा पहले चरण के चुनाव प्रचार का शोर

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पहले चरण के चुनाव प्रचार का शोर थमा, अब घर-घर जाकर जनता से वोट की अंतिम अपील कर रहे उम्मीदवार, निर्भय होकर मतदान करें गांव के लोग, चुनाव आयोग की प्रदेश के लोगों से अपील, वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी

हिमखबर डेस्क

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर कल 1293 पंचायतों में ग्रामीण क्षेत्र की जनता द्वारा गांव की सरकार बनाने के लिए 26 मई को वोट डाले जाएंगे। इस दौरान मतदाताओं द्वारा पंचायतों में चुनाव लडऩे वाले 23 हजार से अधिक उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला राज्य की जनता की मोहर पर आधारित होगा।

पांच वर्ष में एक बार होने वाले पंचायत चुनावों में इस बार कई दिलचस्प मामले सामने आ रहे हैं। पंचायत चुनाव को लेकर लॉउडस्पीकरों से प्रचार का शोर अब थम गया है, लेकिन अब मतदाताओं से एक अंतिम अपील करने के लिए उम्मीदवार घर-घर दस्तक दे रहे हैं।

गांव-गांव में चौपालों से लेकर गलियों तक चली सियासी चर्चाओं के बीच अब मतदाता अपने फैसले की दहलीज पर खड़े हैं। चुनाव को लेकर प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।

निर्देशों के मुताबिक संबंधित पंचायत क्षेत्रों में आने वाले सभी शराब के ठेके रविवार शाम तीन बजे से बंद कर दिए गए हैं, जो 26 मई को मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही दोबारा खुलेंगे। यानी अगले दो दिनों तक इन इलाकों में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

इसके साथ ही रविवार शाम तीन बजे से चुनावी प्रचार-प्रसार पर भी विराम लग गया है। अब प्रत्याशी न तो जनसभाएं कर सकेंगे और न ही लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार होगा। उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर सकेंगे।

नियमों की अवहेलना पर कार्रवाई

राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि आदर्श आचार संहिता और जारी आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने भी पंचायत चुनावों को लेकर सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है।

पंचायत चुनावों को लेकर ग्रामीण इलाकों में उत्साह चरम पर है और अब सभी की नजरें 26 मई को होने वाले पहले चरण के मतदान पर टिक गई हैं, जहां जनता अपने गांव की नई सरकार चुनेगी।

दूसरे चरण के मतदान में 1258 पंचायतों में होगी वोटिंग

पहले चरण में 26 मई को मतदान के बाद उसी दिन प्रधान, उपप्रधान और वार्ड पंच की मतगणना कर परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। दूसरे चरण का मतदान 28 मई को होगा, जिसमें 1258 पंचायतों में वोट डाले जाएंगे। इ

सके बाद तीसरे और अंतिम चरण के तहत 30 मई को 1170 पंचायतों में मतदान प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं जिला परिषद और पंचायत समिति के परिणाम 31 मई को घोषित किए जाएंगे।

3754 पंचायतों के लिए चुनाव

प्रदेश में पंचायत चुनाव इस बार कई मायनों में खास हैं। प्रदेश की 3754 ग्राम पंचायतों में 3754 प्रधान और इतने ही उपप्रधान के साथ-साथ 21,654 पंचायत सदस्य, 1769 पंचायत समिति सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्यों के लिए चुनावी रण सज चुका है।

कुल 31,182 पदों के लिए होने वाले इन चुनावों में 70,224 उम्मीदवार मैदान में डटे हुए हैं और हर प्रत्याशी गांव की सरकार में अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।

10854 उम्मीदवार निर्विरोध चुने

कई जगह मुकाबला शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया। प्रदेश में 10,854 उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत हासिल कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सुखद मिसाल पेश की है। इनमें सबसे अधिक 10,307 पंचायत वार्ड सदस्य ऐसे हैं, जिन्हें कोई चुनौती नहीं मिली।

इसके अलावा 286 उपप्रधान, 176 प्रधान और 85 पंचायत समिति सदस्य भी बिना चुनाव मैदान में उतरे ही विजेता घोषित हो चुके हैं। अब शेष पदों के लिए 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में मतदान होगा।

चुनावों को पोलिंग पार्टियां रवाना

सोमवार को पोलिंग पार्टियों की अंतिम रिहर्सल आयोजित की जाएगी, जिसके तुरंत बाद सभी टीमों को उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हिमाचल पथ परिवहन निगम को सौंपी गई है।

पोलिंग पार्टियों के लिए 1300 बसों की मांग मिली है। पहले चरण में 400 बसें चुनाव ड्यूटी पर तैनात की गई है जिनमें से अधिकांश बसें रविवार को चुनाव सामग्री को लेकर बूथों के लिए रवाना की गई है।

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से निर्भय और निष्पक्ष होकर मतदान करने की अपील की है। राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि बिना किसी डर और प्रलोभन के अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

आयोग ने साफ किया है कि केवल उन्हीं मतदाताओं को मतदान केंद्र में प्रवेश मिलेगा, जिनका नाम संबंधित मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज होगा। प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर प्रदेशभर में कुल 21,678 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 16,539 सामान्य, 3,554 संवेदनशील और 1,585 अति संवेदनशील केंद्र शामिल हैं।

इसके अलावा हमीरपुर में एक और कांगड़ा में दो सहायक मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। मतदान प्रक्रिया के लिए 8198 मतदान दल गठित किए गए हैं। आयोग के अनुसार पहले चरण में 26 मई को 1,293 ग्राम पंचायतों में मतदान होगा।

हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयोग के अनुसार प्रदेश में प्रधान, उपप्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों सहित कुल 31182 पदों के लिए चुनाव करवाए जा रहे हैं।

इन चुनावों के लिए 7, 8 और 11 मई को नामांकन भरे गए थे, जिसमें कुल 86,204 उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए। जांच के दौरान 742 नामांकन रद्द किए गए। नाम वापसी के बाद 10,854 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।

संवेदनशील-अतिसंवेदनशील बूथ पर रहेगी पुलिस की नजर

पंचायती राज संस्थाओं के चुनावो ने प्रदेश भर में 16539 सामान्य जबकि 3,554 संवेदनशील और 1,585 अति संवेदनशील केंद्र शामिल हैं। आयोग द्वारा इन केंद्रो में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं साथ किसी भी प्रकार की गडबडियों को लेकर पुलिस प्रशासन को पहले से अलर्ट किया गया है।

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