कांगड़ा पुलिस की नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई, चरस तस्करी से बनाई करोड़ों रुपए की संपत्ति पुलिस ने की फ्रीज
हिमखबर डेस्क
जिला कांगड़ा में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के काले कारोबार से खड़े किए गए एक आलीशान साम्राज्य को जमींदोज करते हुए ज्वाली के मुख्य आरोपी और उसके परिवार की 95,67,741 मूल्य की अवैध संपत्ति को पूरी तरह से फ्रीज (सील) कर दिया है।
कांगड़ा पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत की गई इस सख्त कार्रवाई से जिला के नशा माफियाओं में हडक़ंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक कांगड़ा अशोक रतन के अनुसार, चलवाड़ा (तहसील ज्वाली) निवासी आरोपी गौरव कुमार पुत्र विजय कुमार और उसके करीबियों पर यह कानूनी हथौड़ा चला है।
दरअसल, पिछले साल तीन अक्टूबर 2025 को जिला कांगड़ा की विशेष टीम ने गौरव कुमार और उसके सहयोगियों के कब्जे से 1.006 किलोग्राम चरस की बड़ी खेप बरामद की थी। इस मामले में पुलिस थाना नगरोटा बगवां में अभियोग संख्या 151/25 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
चरस बरामदगी के बाद नगरोटा बगवां थाना पुलिस ने केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर आरोपियों की वित्तीय कुंडली खंगालनी शुरू की। गहन जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी गौरव कुमार ने नशे के इस काले धंधे से न केवल खुद बल्कि अपने पिता विजय कुमार और अपने जीजा धुंधी के नाम पर भी करोड़ों की बेनामी संपत्ति अर्जित की थी।
नशा तस्करी की कमाई से खड़े किए गए इस अवैध साम्राज्य पर शिकंजा कसते हुए प्रभारी पुलिस थाना नगरोटा बगवां ने 22 अप्रैल 2026 को संपत्ति फ्रीजिंग के आदेश जारी किए थे, जिसे अब 22 मई 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी (कंपीटेंट अथोरिर्टी) ने अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है।
कांगड़ा पुलिस नशे के सौदागरों की आर्थिक रीढ़ तोडऩे के लिए लगातार आक्रामक मोड में काम कर रही है। इस कार्रवाई से पहले पुलिस ने बैजनाथ की महिला नशा तस्कर सोनिया राणा की भी 96,77,350 मूल्य की संपत्ति को फ्रीज किया था।
गौरव कुमार पर हुई इस ताजा कार्रवाई को मिलाकर जिला कांगड़ा पुलिस अब तक कुल 1,92,45,091 की अवैध संपत्ति को फ्रीज कर चुकी है। जिला पुलिस अधीक्षक अशोक रतन ने साफ किया है कि नशा तस्करों और उनके अवैध संसाधनों के खिलाफ यह जीरो टालरेंस अभियान भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगा।

