हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों का माहौल पूरी तरह गर्म है। गांव-गांव में चुनाव प्रचार तेज हो चुका है और उम्मीदवार जीत के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। हर नुक्कड़, हर चौपाल पर पंचायत चुनावों को लेकर ही चर्चा हो रही है। इसी बीच लोगों में यह जानने की उत्सुकता भी बढ़ गई है कि पंचायत चुनाव जीतने वाले जनप्रतिनिधियों को सरकार की ओर से कितना मानदेय मिलता है।
जून में नई पंचायतों के गठन और शपथ ग्रहण के बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों को हर महीने तय मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा। पंचायतीराज संस्थाओं में सबसे ज्यादा मानदेय जिला परिषद अध्यक्ष को दिया जाता है।
जिला परिषद अध्यक्ष को हर महीने 25 हजार रुपए मानदेय मिलेगा, जबकि जिला परिषद उपाध्यक्ष को 19 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। वहीं, जिला परिषद सदस्य को हर महीने 8300 रुपए मानदेय मिलेगा। इसके साथ ही पंचायत समिति अध्यक्ष को सरकार की ओर से 12 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। पंचायत समिति उपाध्यक्ष को हर महीने 9000 रुपए मिलेंगे।
इसके अलावा पंचायत समिति सदस्यों को 7500 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर भी सरकार ने प्रधान और उपप्रधान के लिए मानदेय तय किया है। ग्राम पंचायत प्रधान को हर महीने 7500 रुपए दिए जाएंगे, जबकि उपप्रधान को 5100 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे।
इसके अलावा पंचायत बैठकों में शामिल होने वाले पंचायत सदस्यों को प्रति बैठक 1050 रुपए दिए जाएंगे। प्रदेश सरकार का मानना है कि पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। गांवों के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में उन्हें आर्थिक सहयोग मिलने से ग्रामीण विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
हिमाचल में तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे। पंचायत वार्ड सदस्य, प्रधान और उपप्रधान पदों के नतीजे 26, 28 और 30 मई को मतदान समाप्त होने के साथ घोषित कर दिए जाएंगे।
वहीं, पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव के परिणाम 31 मई को घोषित होंगे। इन चुनावों को प्रदेश की ग्रामीण राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि गांवों की सरकार चुनने वाले ये चुनाव आने वाले समय के राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकते हैं।
रिकॉर्ड 31 हजार से अधिक पदों के लिए चुनाव
प्रदेश में इस बार पंचायतों की संख्या बढऩे के बाद रिकॉर्ड 31,182 पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इनमें 3,754 प्रधान, 3,754 उपप्रधान, 21,654 ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य, 1,769 पंचायत समिति सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य पद शामिल हैं।
नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कुल 70,224 उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गए हैं। गांवों की चौपालों से लेकर बाजारों तक चुनावी चर्चाएं तेज हैं और उम्मीदवार लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।

