28 की उम्र में IPS, कुल्लू में DSP…अब पश्चिम बंगाल में DCP, हिमाचली बेटी की प्रेरक कहानी

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हिमखबर डेस्क

पहाड़ी प्रदेश के एक गांव की बेटी। 28 साल की उम्र में आईपीएस बनी। ट्रेनिंग पूरी की और अपने गृह राज्य में खाकी वर्दी पहनकर वापस लौटी। यहां उन्होंने कानून-व्यवस्था संभाली और कुल्लू में डीएसपी बनीं। लेकिन फिर बात आई पारिवारिक जिम्मेदारियों की और इस बेटी ने अपने राज्य को छोड़कर एक ऐसे राज्य का रुख किया, जहां अलग माहौल, सियासी तनाव और जटिल हालात थे।

इन सबके बीच भी उनका आत्मविश्वास कभी नहीं डगमगाया। आज वे पश्चिम बंगाल में डीसीपी के पद पर सेवाएं दे रही हैं। पति इंद्र बदन झा भी पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस हैं और हिमाचल की यह बेटी अपनी ड्यूटी के साथ-साथ पत्नी धर्म को भी बखूबी निभा रही है। यह सिर्फ एक आईपीएस अधिकारी की कहानी नहीं…पहाड़ की एक बेटी के जज़्बे की कहानी है।

सोलन जिले के जराई गांव में जन्मी चारू शर्मा ने 28 वर्ष की उम्र में यूपीएससी की तैयारी शुरू की और वर्ष 2018 में दूसरी ही कोशिश में 204वीं  रैंक हासिल कर आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातकोत्तर करने के बाद उन्होंने गुरुग्राम में बैंकिंग क्षेत्र में एनालिटिक्स के रूप में काम किया। इसी दौरान उनके मन में सिविल सेवा में जाने का विचार आया और उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह तैयारी में खुद को समर्पित कर दिया।

आईपीएस बनने के बाद उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर मिला। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने ऊना जिले में प्रोबेशन पूरा किया और गगरेट में बतौर थाना प्रभारी अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद कुल्लू जिले के बंजार में बतौर डीएसपी उनकी पहली स्वतंत्र तैनाती हुई, जहां उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया।

उनकी जिंदगी में एक अहम मोड़ तब आया, जब उनका विवाह पश्चिम बंगाल कैडर कके  आईपीएस अधिकारी इंद्र बदन झा से हुआ। इसके बाद उन्होंने अपना कैडर बदलकर पश्चिम बंगाल कर लिया। अप्रैल 2022 में उन्होंने पश्चिम बंगाल कैडर जॉइन किया, जो उनके लिए एक नई चुनौती थी।

नया राज्य, अलग माहौल और ज्यादा जटिल कानून-व्यवस्था, इन सबके बीच चारू शर्मा ने खुद को तेजी से ढाला। उन्होंने बिधाननगर, सुंदरबन, बहरामपुर और जादवपुर जैसे अहम क्षेत्रों में सेवाएं दीं। वर्तमान में वह जादवपुर में डीसीपी के पद पर तैनात हैं और पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।

इन दिनों पश्चिम बंगाल में माहौल काफी गर्माया हुआ है। चुनावी गतिविधियों के चलते कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन, मतदाता सूची को लेकर विवाद, राजनीतिक टकराव और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां देखने को मिल रही हैं। कुछ इलाकों में तनाव की स्थिति भी बनी हुई है, जहां प्रशासन को लगातार सतर्क रहना पड़ रहा है।

ऐसे हालात में आईपीएस चारू शर्मा अपनी जिम्मेदारियों को पूरी मुस्तैदी के साथ निभा रही हैं। बतौर डीसीपी, वे न सिर्फ हालात को संभाल रही हैं, बल्कि अपनी सूझबूझ और मजबूत नेतृत्व से ये साबित कर रही हैं कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी एक सक्षम अधिकारी कैसे प्रभावी ढंग से काम करता है।

चारू शर्मा की ये यात्रा सिर्फ एक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत, धैर्य और सही दिशा हो, तो हर चुनौती को पार किया जा सकता है।

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