सरकारी कर्मचारी-पेंशनर हिमकेयर से बाहर, मेडिकल रि-इन्बर्समेंट वालों को अब नहीं मिलेगा डबल बेनेफिट

--Advertisement--

सरकार ने किया संशोधन, मेडिकल रि-इन्बर्समेंट वालों को अब नहीं मिलेगा डबल बेनेफिट

शिमला – नितिश पठानियां

जिस हिमकेयर स्कीम में कैशलेस इलाज के लिए राज्य के करीब 17 लाख लोग पंजीकृत हैं, उसमें हिमाचल सरकार ने कुछ संशोधन किए हैं। अब सरकारी कर्मचारी और पेंशनर इस योजना से बाहर हो गए हैं, यदि उनके कार्ड बने भी हुए हैं, तो भी फ्री इलाज का क्लेम सेटल नहीं होगा।

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री हिमाचल हेल्थ केयर योजना के तहत लाभार्थी सत्यापन फार्म लागू कर दिया है। इस फार्म के जरिए लाभार्थी को यह बताना होगा कि उनके परिवार से कोई सदस्य सरकारी या सेवानिवृत्त कर्मचारी है या नहीं? यदि सरकारी कर्मचारी या पेंशनर का अपना कार्ड बना है, तो भी क्लेम सेटल नहीं होगा।

क्योंकि कर्मचारियों और पेंशनरों को राज्य सरकार चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना के तहत लाभ देती है, इसलिए डबल बेनेफिट वापस लिया जा रहा है। यदि परिवार से कोई कर्मचारी या पेंशनर है, तो क्लेम उसी सूरत में क्लियर होगा, यदि लाभार्थी कर्मचारी पर आश्रित नहीं है।  हिम केयर योजना में कुछ और बदलाव भी किए गए हैं।

अब नया कार्ड हर साल की हर तिमाही के अंतिम महीने में बनेगा। जैसे जनवरी से मार्च की तिमाही में मार्च महीने में, दूसरी तिमाही में जून महीने में और तीसरी तिमाही में सितंबर महीने में कार्ड बनेगा। पहले से बन चुके हिम केयर कार्ड इसी शेड्यूल के मुताबिक रिन्यू होंगे।

कार्ड बनाने या रिन्यू करने की फीस 1000 रुपए होगी। हालांकि दो अन्य वर्गों में एक जीरो प्रीमियम और दूसरे वर्ग में साल में सिर्फ 365 रुपए देने होंगे। यह व्यवस्था पहले से है, जिसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। बड़ा बदलाव यही है कि सरकारी कर्मचारी और पेंशनर या उनकी फैमिली में अब कार्ड ही नहीं बनेगा।

इस सुधार को लेकर पहले से चर्चा हो रही थी। स्वास्थ्य विभाग ने जब आईजीएमसी में इलाज ले चुके लोगों की केस स्टडी करवाए, तो भी डबल बेनेफिट के मामले सामने आए थे। वर्तमान में हिम केयर के तहत आईपीडी मरीज को पांच लाख रुपए तक का इलाज कैशलेस मिलता है।

एमएस-प्रिंसीपल-सीएमओ जारी कर सकेंगे 100 कार्ड

राज्य के सरकारी अस्पतालों या मेडिकल कालेज में यदि कोई गरीब व्यक्ति बिना हिम केयर कार्ड आता है, तो ये अस्पताल ही ऐसे मरीज का कार्ड बनवा सकेंगे। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिटेंडेंट, प्रिंसीपल या फील्ड अस्पताल की सूरत में सीएमओ के पास 100 हिम केयर कार्ड बनाने का कोटा होगा।

कार्ड बनाने के लिए जो औपचारिकता तय की गई है, उन्हें पूरा करते हुए अस्पताल ही कार्ड बनवा देंगे, ताकि जरूरतमंद को फ्री इलाज की सुविधा मिल जाए। बता दें कि हिम केयर स्कीम में वर्तमान में 16 लाख 70 हजार लोगों का पंजीकरण है। इसमें राज्य के पांच लाख से ज्यादा परिवार शामिल हैं।

लगातार बढ़ते मरीजों के कारण राज्य सरकार का खर्चा भी इस स्कीम में बढ़ रहा है। अभी भी 358 करोड़ के क्लेम पेंडिंग चल रहे हैं। इसमें निजी अस्पतालों के 111 करोड़ और सरकारी अस्पतालों के 247 करोड़ लंबित हैं।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

चंबा के बलोठ के 84 चला में बादल फटा, लोहे का पुल बहा; 50 श्रद्धालु सुरक्षित निकाले

चम्बा - भूषण गुरुंग भरमौर हलके के गैर-जनजातीय क्षेत्र की...

समाज शास्त्र शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित, 225 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट

हमीरपुर 17 अगस्त - हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश राज्य चयन...

रैत में 12 पंचायतों के बीपीएल परिवारों से संवाद, केवल सिंह पठानियां ने दी फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी

प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी कार्यक्रमों में...

स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व सैनिक राजीव को मिली ऑटोमेटिक व्हीलचेयर की सौगात

धर्मशाला, 17 अगस्त - हिमखबर डेस्क स्वतंत्रता दिवस के अवसर...