शाहपुर – नितिश पठानियां
कभी-कभी बदलाव की शुरुआत एक छोटी सी बात से होती है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में ऐसा ही कुछ हुआ, जब एक स्कूली छात्र ने नशे के बढ़ते जाल का ऐसा राज खोला कि पूरी पुलिस हरकत में आ गई।
मामला तब सामने आया, जब कांगड़ा की एसपी शालिनी अग्निहोत्री शाहपुर उपमंडल के एक स्कूल में बच्चों से संवाद कर रही थीं। लंच ब्रेक के दौरान बातचीत के दौरान एक छात्र ने बताया कि वह “कूल लिप” नामक उत्पाद का सेवन करता है।
इस अनसुने नाम ने एसपी को सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर यह क्या चीज है? बच्चे से जानकारी लेने पर पता चला कि यह एक फिल्टर तंबाकू है, जिसमें मिंट फ्लेवर डाला जाता है और यह स्कूली बच्चों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
कुछ दिनों बाद, उसी छात्र ने इंस्टाग्राम पर एसपी को कूल लिप की तस्वीर भेजी, जिससे पुलिस को और पुख्ता सबूत मिल गए। इसके बाद, एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने पूरे जिले में इस तंबाकू उत्पाद के खिलाफ अभियान छेड़ने का फैसला किया।
पुलिस ने शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में स्थित दुकानों पर छापेमारी की, जहां से 1490 किलो तंबाकू बरामद हुआ। पुलिस जांच में पता चला कि कूल लिप और अन्य ऐसे उत्पाद पठानकोट और जालंधर से तस्करी कर हिमाचल लाए जाते हैं और छोटे दुकानदार इन्हें स्कूली बच्चों तक पहुंचाने का काम कर रहे थे।
इस अभियान के तहत पुलिस ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि वे इसे नाबालिगों को बेचना तुरंत बंद करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
एसपी शालिनी अग्निहोत्री अब तक 35 से अधिक स्कूलों का दौरा कर चुकी हैं, जहां वे खुद बच्चों से संवाद कर उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर रही हैं। उनका मानना है कि तंबाकू का सेवन धीरे-धीरे बच्चों को सिंथेटिक ड्रग्स और अन्य खतरनाक नशे की ओर धकेल सकता है।
यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य संकट में पड़ सकता है। इस अभियान के बाद पूरे कांगड़ा जिले में दुकानदारों को यह स्पष्ट संदेश मिल गया है कि वे बच्चों को नशे की दलदल में धकेलने से बचें और इस तरह के उत्पाद बेचना तुरंत बंद करें।
अगर आपके बच्चे भी किसी ऐसे उत्पाद का सेवन कर रहे हैं, तो सतर्क हो जाएं। बच्चों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और हिमाचल पुलिस के इस शानदार अभियान को सपोर्ट करें।

