सोलन – रजनीश ठाकुर
हिमाचल प्रदेश में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां मुर्गो की लड़ाई ने इंसानों के बीच असली लड़ाई का रूप ले लिया। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस तक पहुंच गया, लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि पुलिस ने किसी एक पक्ष को दोषी ठहराने की बजाय इसे ‘ड्रॉ’ घोषित कर दिया। क्योंकि दोनों पक्षों की तरफ से क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है।
घटना सोलन शहर के कारगिल ग्राउंड की है, जहां दो गुटों के बीच मुर्गों की लड़ाई को लेकर जबरदस्त झड़प हो गई। लड़ाई के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि मुर्गों के बजाय उनके मालिकों के बीच हाथापाई शुरू हो गई।
आदर्श नगर निवासी अमन के मुताबिक, वे ग्राउंड में मुर्गों की लड़ाई देखने गए थे, जहां दो टीमें बनी थीं – एक टीम की अगुवाई अमर कर रहे थे और दूसरी टीम का नेतृत्व राजेंद्र सिंह कर रहे थे। अमन की टीम का मुर्गा लड़ाई जीत गया, लेकिन इस बात को लेकर राजेंद्र सिंह की टीम भड़क गई।
इस दौरान रिंकू और सावन नाम के युवकों ने अमन को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी, जिससे उसे चोटें आईं। अमन की शिकायत पर पुलिस ने धारा 115(2), 118(1), और 3(5) भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज कर लिया।
कहानी यहीं खत्म नहीं होती…
दूसरी तरफ, विशाल निवासी वार्ड नं. 7 ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। उनका कहना था कि वे अपने दोस्त सावन के साथ लड़ाई देखने गए थे। सावन का मुर्गा जीत गया, लेकिन अमर और उनकी टीम राम, रवित और प्रिंस नतीजे को मानने को तैयार नहीं थी।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और बात हाथापाई तक पहुंच गई। विशाल का आरोप है कि अमन और प्रिंस ने उन पर हमला किया, जिससे वे घायल हो गए। इस पर विशाल ने भी पुलिस में धारा 118(1), 115(2), 3(5) भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज करवाया।
अब क्या कर रही है पुलिस?
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी गवाहों के बयान दर्ज कर रही है और पूरे मामले को सुलझाने की कोशिश में जुटी हुई है।
बहरहाल, मुर्गों की लड़ाई से शुरू हुआ यह मामला अब इंसानों की लड़ाई में बदल गया है। खेल की भावना को भुलाकर लोग हाथापाई पर उतर आए, जिससे मनोरंजन के बजाय विवाद खड़ा हो गया। अब देखना यह होगा कि इस मामले में ‘असली’ जीत किसकी होती है—कानून की, या फिर गुस्से की।

