जीआईसी ने खोला 20 करोड़ रुपए का टेंडर, कुल छह कंपनियों ने किया था आवेदन
शिमला – नितिश पठानियां
चुनाव आयोग से मिली अनुमति के बाद राज्य के सरकारी स्कूलों को लेकर होने वाली डेस्क खरीद का टेंडर खुल गया है। सामान्य उद्योग निगम यानी जीआईसी ने बुधवार को यह टेंडर खोल 20 करोड़ के सप्लाई आर्डर के लिए हुए इस टेंडर में कुल छह कंपनियों ने भाग लिया था।
इनमें से दोनों कैटेगरी में दो-दो एजेंसियां क्वालीफाई हो गई हैं। दोनों को एल वन रेट का ही सप्लाई आर्डर मिलेगा। टेंडर के शर्तों के अनुसार 60 और 40 फीसदी के हिसाब से यह डिवीजन होगा। इससे राज्य के सरकारी स्कूलों को इसी सत्र में नए डेस्क मिल जाएंगे।
शिक्षा विभाग ने यह टेंडर जीआईसी को करने के लिए दिया था। इससे पहले की टेंडर खोला जाता, चुनाव आचार संहिता लग गई। इस कारण भारत निर्वाचन आयोग से अनुमति लेनी पड़ी। इस टेंडर में सबसे अच्छी बात यह हुई है कि डेस्क का रेट न्यूनतम निकला है।
एक डेस्क औसतन 3000 रुपए में मिल जाएगा। इसमें दो या तीन बच्चों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसी धनराशि के टेंडर में अब 40000 के बजाय 50,000 डेस्क खरीद लिए जाएंगे। यह परचेज ऑर्डर एलिमेंट्री और हायर एजुकेशन दोनों निदेशालयों के स्कूलों के लिए है।
राज्य में नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है और इसमें इस बार सरकार ने पहली और दूसरी कक्षाओं को इंग्लिश मीडियम से पढ़ाने का फैसला किया है। दूसरी तरफ, स्कूल क्लस्टर भी फंक्शनल कर दिए गए हैं, लेकिन नए डेस्क न होने के कारण बहुत से स्कूलों में बच्चे टाट पट्टी पर ही बैठ रहे हैं, इसीलिए इसे परचेज का इंतजार था।
इन्हीं तर्कों के आधार पर शिक्षा विभाग और सामान्य उद्योग निगम ने चुनाव आयोग से टेंडर फाइनल करने की मंजूरी ली थी। सामान्य उद्योग निगम अब अगली प्रक्रिया में जुट गया है। लक्ष्य यह है कि बिना समय गंवाए जल्दी से जल्दी गुणवत्तापूर्ण डेस्क सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिल जाएं।

