कोटला-त्रिलोकपुर में टनल तैयार, जल्द दौड़ेंगी गाडिय़ां

--Advertisement--

1150 मीटर दोनों सुरंगों पर 275 करोड़ रुपए की राशि हुई खर्च, चालकों को जाम से मिलेगी निजात

कोटला – स्वयम

पठानकोट-मंडी फोरलेन मार्ग पर कोटला व त्रिलोकपुर में निर्मित हो रही सुरंगों का कार्य लगभग पूरा हो चुका है तथा अब जल्द ही इन सुरंगों से वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। सुरंगों के दोनों छोर खुल चुके हैं तथा अब इनका बेस ही कंप्लीट होने को बचा है, जिसका कार्य जोरों-शोरों से चल रहा है।

कोटला में 700 मीटर लंबी पहली सुरंग तथा त्रिलोकपुर में 450 मीटर लंबी दूसरी सुरंग का निर्माण हुआ है। इन दोनों सुरंगों की लंबाई करीबन 1150 मीटर है जिन पर 275 करोड़ रुपए की लागत आएगी। दोनों ही सुरंगों में वाहनों को आने जाने के लिए दो अलग-अलग सुरंग बनाई गई हैं तथा इनमें एक ही समय में दो-दो वाहन गुजर सकेंगे।

सुरंगों में लाइटिंग का भी पूरा प्रबंध है। इन सुरंगों के बनने से वाहन कोटला बाजार से गुजरते समय जाम का शिकार होने से बच जाएंगे। वाहन चालक इन सुरंगों से वाहनों की आवाजाही होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब वाहन चालकों को जाम से भी निजात मिलेगी। बुद्धिजीवियों ने मांग की है कि सुरंगों का निर्माण कार्य अतिशीघ्र पूरा किया जाए।

एनएचएआई पालमपुर के डीजीएम तुषार सिंह के बोल

एनएचएआई पालमपुर के डीजीएम तुषार सिंह ने कहा कि सुरंगों के छोर खुल चुके हैं तथा करीब कार्य पूरा हो चुका है। एक सुरंग में वन विभाग की थोड़ी जमीन आती है तथा परमिशन के लिए वन विभाग को लिखा गया है। परमिशन मिलते ही इन सुरंगों को फाइनल टच दिया जाएगा तथा उसके बाद सुरंगों से वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।

नौ किलोमीटर कम होगी दूरी

कोटला व त्रिलोकपुर में सुरंग बनने से करीब नौ किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी।15 से 20 मिनट का समय भी कम होगा। मौजूदा समय में पठानकोट-मंडी नेशनल हाई-वे की दूरी करीब 219 किलोमीटर है तथा फोरलेन निर्माण में सुरंगों के बनने से करीब 48 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी, जिसको तय करने में समय भी कम लगेगा। फोरलेन के बनने से वाहन चालकों को हिचकोले खाते हुए मार्ग से गुजरने से भी निजात मिलेगी। हर कोई फोरलेन के जल्द पूरा होने का इंतजार कर रहा है।

दोनों सुरंगें भूकंपरोधी

पठानकोट-मंडी फोरलेन में विधानसभा क्षेत्र जवाली का 13 किलोमीटर हिस्सा आता है, जिसमें भेडख़ड्ड से सियूनी तक नौ किलोमीटर तथा भनियाडी से तखनियाड तक चार किलोमीटर भाग आता है। भेडख़ड्ड से बनने वाली 700 मीटर लंबी सुरंग पर 163 करोड़ रुपए तथा त्रिलोकपुर में बनने वाली 450 मीटर लंबी सुरंग पर 112 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इन दोनों सुरंगों को दिल्ली मैट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के विशेषज्ञों द्वारा करवाया गया है तथा भूकंपरोधी हैं।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

मनचाहा वाहन नंबर बेच कमाए 100 करोड़ रुपए

 डिप्टी सीएम बोले, परिवहन विभाग ने वित्तीय प्रबंधन में...

ओएमएस ट्रायल के बाद शुरू होगी पठानकोट से बैजनाथ तक सीधी रेल

हिमखबर डेस्क पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल मार्ग पर 24 फरवरी को अंतिम...