ज्वाली – अनिल छांगु
हमें प्रदेश सरकारों ने लाइब्रेरियन का डिप्लोमा क्यों करवाया? क्या दर-दर की ठोकरें खाने के लिए लाइब्रेरियन का डिप्लोमा करवाया था? यह बात हिमाचल प्रदेश बेरोजगार प्रशिक्षित लाइब्रेरियन संघ के प्रदेश महासचिव किशोरी लाल ने जवाली में बैठक के दौरान कही।
किशोरी लाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस व भाजपा सरकार से अब 25हजार लाइब्रेरियन डिप्लोमाधारक काफी खफा हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा व कांग्रेस ने हमेशा ही लाइब्रेरियनों को ठगा है जबकि हमारे हित में कुछ भी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में 2000 से अधिक पद रिक्त चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकारें पिछले 25 सालों में मात्र 85 पदों को ही भर पाई है जबकि डिप्लोमाधारकों की संख्या 25 हजार को भी पार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की लाइब्रेरियों में पड़ीं लाखों की किताबें धूल फांक रही हैं जिनका बच्चों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
रोजगार मिलने की आस में अधिकतर डिप्लोमाधारक 45 साल की आयु सीमा को पार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हम परिवार का पालन-पोषण भी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गत भाजपा सरकार ने 771 पदों को भरने की हामी भरी थी लेकिन नहीं भर पाई।
विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने वादा किया कि सत्तासीन होते ही लाइब्रेरियनों के रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरा जाएगा लेकिन 6 माह के कार्यकाल में ऐसा नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सूक्खु, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, कृषि एवं पशुपालन मंत्री चन्द्र कुमार से कई बार मिल चुके हैं लेकिन आश्वासनों के आगे कुछ नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले लोस चुनाव में उसी दल का समर्थन करेंगे जो रिक्त पदों को चुनावों से पहले भरेगा अन्यथा चुनाव का वहिष्कार किया जाएगा।
ये रहे उपस्थित
इस मौके पर उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष संजय, जिलाध्यक्ष अंजना, प्रेस सचिव मीनाक्षी, अश्विनी, महेश, गणेश, प्रदीप, रेखा, इंदु, रमेश इत्यादि मौजूद रहे।

