शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश में बाढ़ ने अपना प्रकोप दिखाया है। बाढ़ से अभी तक हिमाचल प्रदेश में 80 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 470 पालतू पशुओं की मौत हुई है। अभी तक मानसून 100 मकानों को पूरी तरह से ध्वस्त कर चुकी है।
वहीं, अभी तक 1050 करोड़ के नुकसान का आकलन कर लिया गया है। ऐसे में भीषण तबाही के समय सीएम सुखविंदर की सरकार ने प्रदेशवासियों को बहुत बड़ा झटका दिया है।
उन्होंने दोबारा से तीन रुपये प्रति लीटर की दर से डीजल की कीमत में बढ़ोतरी की है। प्रदेश सरकार के इस फैसले पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आलोचना जताई है।
यह वक्त आर्थिक बोझ देने का नहीं- नेता प्रतिपक्ष
जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार को अपना फैसला वापस लेना का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह अभी आपदा का समय है ऐसे में डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर देने से प्रदेशवासियों पर बहुत बड़ा आर्थिक बोझ पड़ेगा क्योंकि बाढ़ के प्रकोप से लोगों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यह समय आपदाग्रस्त प्रदेश को राहत देने का है, आर्थिक बोझ डालने का नहीं है।
‘डीजल की कीमतें बढ़ने से बढ़ेगी महंगाई’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करे। वहीं, उन्होंने कहा कि पहले प्राकृतिक आपदा से निकलना चाहिए। ऐसे में सरकार फैसले पर दोबारा विचार करे और स्थिति ठीक होने के बाद ही कुछ फैसला लिया जाए। उन्होंने कहा कि डीजल की कीमतें बढ़ाने से इसका असर हर चीज पर होगा, प्रदेश में महंगाई बढ़ेगी, इसलिए यह फैसला अभी उचित नहीं है।
कितनी बढ़ाई गई डीजल की कीमतें?
गौरतलब है कि सीएम सुखविंदर के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदेश में अपनी सरकार बनने के बाद दूसरी बार डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
वहीं वैट में बढ़ोतरी की दर 3.94 फ़ीसदी है। डीजल की कीमतों में वृद्धि शुक्रवार की आधी रात से लागू हो जाएगी। इससे पहले शिमला में डीजल की कीमत 86.12 रुपए प्रति लीटर रही थी।

