मंडी – अजय सूर्या
माननीय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार सुखविंदर सिंह सुक्खू का बल्ह प्रवास हुआ. इस कार्यक्रम के तहत मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक में मेडिकल कॉलेज एवं प्रशासन द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया, परंतु प्रशासन ने सरकार के दबाव में आकर बल के विधायक इंद्र सिंह गांधी को इस कार्यक्रम में कोई भी बुलावा या सूचना नहीं दी गई.
इससे नाराज होकर विधायक ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा की सभी प्रशासनिक अधिकारी कांग्रेस के दमनकारी नीति के कारण डरे हुए हैं. वह कांग्रेस के वार्ड मेंबर प्रधानों को इन कार्यक्रमों में बुला रहे हैं जबकि जिसे जनता ने चुना हुआ है तथा विधानसभा में भेजा है, उनको ना बुलाने का दबाव बनाया जा रहा है.
मैं संविधानिक पद पर हूँ, इसे मैं अपना अपमान मानता हूँ और यह घटना लोकतंत्र की हत्या है. इस बारे में विधायक ने बताया कि मुझे समाचार पत्र द्वारा यह ज्ञात हुआ कि माननीय मुख्यमंत्री बल्ह के प्रवास पर आ रहे हैं. तो उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में वह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जाना चाहते थे.
जहां पर उन्होंने आउट सोर्स जो निकाले गए हैं, वह कुछ शिक्षा संस्थान व अन्य जो बंद किए गए हैं, इस संदर्भ में मांग पत्र भी दिया जाना था, परंतु अब यह शिमला में है. जो उन्होंने प्रशासन को सूचित किया है कि आप अपने कर्तव्य सही ढंग से अपनाएं.
इसी प्रकार प्रशासन कांग्रेस सरकार दमनकारी नीति अपनाती रहेगी तो मुझे अनशन पर बैठ कर सरकार को जगाना होगा. ‘उपरोक्त घटना में निर्धारित प्रोटोकॉल और नियमों का सीधा-सीधा उल्लंघन है. बल्ह की जनता का जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने के नाते यह मेरे विशेष अधिकार का भी हनन है. इसलिए मैं राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव ला रहा हूं.

