धन्वंतरि योजना के तहत ओषधीय पौधे लगाकर पट्टा जाटियां की महिलाएं बनी आत्मनिर्भर।

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ज्वाली – अनिल छांगु

विकास खंड फतेहपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत पट्टा-जाटियां में धन्वंतरि योजना के तहत औषधीय पौधों की खेती करके दस किसान स्वाबलंबी हुए हैं।

स्वयं सहायता समूह राधेकृष्ण व स्वयं सहायता समूह विजयलक्ष्मी की सदस्यों रमना देवी, सुधा रानी, सीमा देवी, मीना कुमारी, रजनी देवी, रितु कुमारी, पिंकी देवी, रीता देवी, कमला शर्मा व आशा देवी ने बताया कि पहले हम अपनी सारी भूमि में गेहूं और मक्की की खेती करती थीं लेकिन गत वर्ष जिला नोडल अधिकारी डॉ सुनील कुमार और डॉ रोहित कुमार ने हमें ओषधीय खेती करने के लिए प्रेरित किया।

हमने दोनों डाक्टरों की सलाह पर पिछले वर्ष तुलसी के पौधे लगाने की योजना बनाई। हमने 90 कनाल भूमि में तुलसी के पौधे मनरेगा के तहत खेतों में लगाए।

स्वयं सहायता समूह राधेकृष्ण की प्रधान सुधा रानी ने बताया कि तुलसी के पौधे की फसल छह माह के लिए होती है इसमें दो या तीन बार कटाई की जा सकती है और दो बार की कटाई के बाद अर्क और आयल ले सकते हैं।

उन्होंने बताया कि हमने 90कनाल भूमि पर हर किसान ने 120 लीटर के हिसाब से अर्क निकाला है जिसकी कीमत 250 रुपए प्रति लीटर है। सभी किसानों ने साढ़े छह लीटर तुलसी का आयल निकाला है जिसका मूल्य सात हजार रुपए प्रति लीटर है।

तुलसी की पतियों को सुखा कर 250 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा जा रहा है जिससे महिलाएं औषधि खेती से अच्छा खासा पैसा कमा रही हैं।

इस बारे राधेकृष्ण स्वयं सहायता समूह की सचिव रमना देवी से जानना चाहा तो उसने बताया कि इस औषधि खेती को करके आय कमा रही हैं।अब और भी महिलाएं इस औषधि खेती को करने को प्रोत्साहित हो रही हैं। हम जल्द ही ऋण लेकर तेल निकालने का प्लांट भी लगाएंगी ताकि महिलाओं को औषधि लेकर दूरदराज न जाना पड़े।

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