सिविल अस्पताल ज्वाली में एक्स-रे की सुविधा न मिलने से मरीजों को दिक्कतें

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न रेडियोलाजिस्ट, न ही स्पेशलिस्ट

ज्वाली – अनिल छांगु

न रेडियोलाजिस्टएन रेडियोग्राफर और न ही स्पेशलिस्ट. यह है सिविल अस्पताल ज्वाली की कहानी। सिविल अस्पताल ज्वाली का दर्जा तो बढ़ा है लेकिन सुविधाओं के नाम पर यह आज भी डिस्पेंसरी माफिक ही है।

पिछले करीबन तीन साल से सिविल अस्पताल में एक्स-रे नहीं हो रहे हैं और दो साल से अल्ट्रासाउंड की भी सुविधा नहीं है तो ऐसे में बाहर के अस्पताओं या निजी लैबों का रूख करना पड़ रहा है।

इसके अलावा स्पेशलिस्ट कोई भी नहीं है जिससे लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती है। 59 पंचायतों व एक नगर पंचायत की करीबन दो लाख आबादी को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने वाला एकमात्र सिविल अस्पताल ज्वाली राजनीति का अखाड़ा बनकर रह गया है।

सिविल अस्पताल ज्वाली की एक्स.रे मशीन खराब हो गई। जब तक एक्स.रे मशीन खराब रही तब तक रेडियोग्राफर तैनात रहा और जब कम्प्यूटराइज्ड एक्स.रे मशीन उपलब्ध हुई तो रेडियोग्राफर सेवानिवृत हो गया।

अब एक्स.रे मशीन है लेकिन रेडियोग्राफर की नियुक्ति न होने के कारण एक्स.रे मशीन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अल्ट्रासाउंड व एक्स.रे मशीनें शोपीस बन गई हैं।

भाजपा नेता संजय गुलेरिया के बोल

भाजपा नेता संजय गुलेरिया ने कहा कि भाजपा राज में सिविल अस्पताल ज्वाली में अल्ट्रासाउंड व एक्स.रे मशीन दी गई थी। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल ज्वाली का दर्जा सौ बिस्तर किया गया था। उन्होंने कहा कि अब तीन माह में कांग्रेस ने चिकित्सकों सहित रेडियोग्राफर व रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति क्यों नहीं करवाई।

क्या कहते हैं सीएमओ कांगड़ा डॉ गुरदर्शन गुप्ता

इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि पूर्व की सरकार को भी बार-बार अवगत करवाया जाता रहा है। अब मौजूदा सरकार को भी अवगत करवाया गया है।

कृषि मंत्री मंत्री चंद्र कुमार बोले, डॉक्टर होंगे तैनात

इस बारे में कृषि एवं पशुपालन मंत्री चन्द्र कुमार ने कहा कि जल्द ही सिविल अस्पताल ज्वाली में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति करवाई जाएगी। रेडियोग्राफर व रेडियोलॉजिस्ट की भी नियुक्ति करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया होगी।

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