
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश में नई सरकार के गठन को 8 दिन का समय बीत चुका है. प्रदेश की जनता को कैबिनेट के गठन का इंतजार है. लेकिन उससे पहले ही सरकार ने ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 12 दिसंबर को अपना कार्यभार संभाला था, उसके बाद से सरकार ने जयराम सरकार में लिए गए कई फैसलों को पलट दिया है.
सुक्खू सरकार की कार्रवाई पर पूर्व सीएम जयराम ठाकुर बदले की भावना काम करने का भी आरोप लगा चुका हैं. हालांकि, सीएम सुक्खू इस बात से इंकार करते हैं. वहीं, सरकार के ओल्ड पेंशन योजना को लागूं करने का प्रदेश को बेसब्री से इंतजार है.
8 दिन में क्या क्या फैसले हुए
हिमाचल प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को सत्ता से बेदखल किया है. कामकाज संभालने के पहले दिन ही सीएम ने बीती सरकार के आठ माह के कार्यकाल के फैसले और प्रोजेक्ट्स को रिव्यू करने के आदेश दिए थे. इसके अलावा, जलशक्ति विभाग में छह महीने में हुए टेंडर और पेमेंट पर भी रोक लगाई गई थी. साथ ही भर्तियों को भी रिव्यू करने के आदेश जारी किए.
अटल टनल को लेकर फैसला
अटल टनल पर सोनिया गांधी के शिलान्यास की पट्टिका को लगाने के आदेश सुक्खू सरकार ने दिए हैं. इस टनल का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था, लेकिन सोनिया गांधी की पट्टिका को हटा दिया गया था. अब यहां दोबारा पट्टिका लगाने का आदेश दिया गया है. हालांकि, सुखविंदर सुक्ख इस बात से इंकार कर चुके हैं कि वह टनल का नाम बदलेंगे.
रिटायर अधिकारियों को हटा रही सरकार
हिमाचल की पूर्व जयराम सरकार में कई अफसरों को रिटायरमेंट के बाद सेवा विस्तार दिया गया था, लेकिन सरकार अब इन एक्सटेंशन को रद्द कर रही है. फैसले के तहत सोमवार को दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सुरक्षा अधिकारी रहे डीएसपी पद्म ठाकुर का सेवाविस्तार रद्द कर दिया है.
इसी तरह चार दिन पहले, सचिवालय से सेवानिवृत्त दो अधिकारियों रामकृष्ण वर्मा और दीवान नेगी के पुनर्रोजगार को भी खत्म कर दिया था. लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता (वास्तुकार) सेंट्रल जोन मंडी में नियुक्त नंद लाल के सेवा विस्तार भी रद्द कर दिया है.
दफ्तरों को बंद करने के आदेश
सरकार ने जयराम राज में बीते 6 माह में खुले सरकारी दफ्तरों को भी बंद करने के आदेश दिए हैं. पूर्व बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह के हल्के धर्मपुर में खुला बागवानी विभाग का डिप्टी डायरेक्टर दफ्तर बंद कर दिया गया है.
इसके अलावा, मंडी और कांगड़ा के बागवानी विभाग के निदेशक कार्यालय को बंद करने के आदेश जारी हुए हैं. बिजली विभाग में हाल ही में सर्कर दफ्तरों को लेकर भी सरकार ने अंडर कंसीड्रेशन में रखा है और ऐसे में इन दफ्तरों को भी सरकार बंद कर सकती है.
किन किन को मिली नई तैनाती
हिमाचल में अब तक कैबिनेट का गठन नहीं हुआ है. लेकिन सीएम सुक्खू ने कुछ तैनातियां की हैं. इनमें कांग्रेस नेता नरेश चौहान सीएम का मीडिया सलाहाकर (कैबिनेट रैंक) नियुक्त किया गया है. इसके अलावा, रिटायर आईएएस अधिकारी गोपाल शर्मा को सीएम का ओएसडी बनाया गया है.
कांग्रेस आईटी सैल के लीड गोकुल बुटेल को गोकुल बुटेल को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का प्रधान सलाहकार आईटी नियुक्त किया है.वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संयुक्त सचिव भी हैं.
एयरपोर्ट की सर्वे एंजेसी बदल
मंडी में पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के ड्रीम प्रोजेक्ट बल्ह एयरपोर्ट को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला किया है. सरकार ने इस एयरपोर्ट का सर्वे कर रही एंजेसी को बदल दिया है. वहीं, मंडी में 150 करोड़ से बन रहे शिवधाम प्रोजेक्ट का काम भी ठप्प हो गया था, जो अब तक नहीं चला है. ऐसे में अब इन दो प्रोजेक्ट पर संकट के बादल छा गए हैं.
पूर्व सीएम जयराम ने लगाया आरोप
पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने सरकार के ताजा फैसलों पर एतराज जताया और कहा कि सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है. साथ ही जयराम ठाकुर ने कैबिनेट के गठन में देरी को लेकर सवाल किया है. जयराम ठाकुर ने ट्वीट में लिखा, ‘हमने पांच साल बिना किसी भेदभाव के जनता की सेवा की. कभी बदले की भावना से प्रदेश में कोई काम नहीं किया. हमने कांग्रेस सरकार के किसी फैसले को नहीं पलटा, कोई विकास कार्य नहीं रोका, मगर अफसोस कि कांग्रेस सरकार ने बदले की भावना के साथ काम करना शुरू कर दिया है.’
