
धर्मशाला- राजीव जस्वाल
अब देश के किसी भी हिस्से सहित हिमाचल प्रदेश में 200 रुपए से अधिक के हर सामान बेचने पर दुकानदारों व हर प्रकार के कारोबारियों को बिल देना अनिवार्य होगा। हिमाचल प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत सरकार को लाखों-करोड़ों रुपए टैक्स का चूना लग रहा है। इस विषय में लगातार केंद्र सहित हिमाचल प्रदेश आबकारी एवं काराधान विभाग को भी शिकायतें मिल रही हैं, कि दुकानदारों द्वारा नियमों की अवेहलना करते हुए 200 से अधिक रुपए का सामान बेचने पर भी बिल नहीं दे रहे हैं।
ऐसे में अब उपायुक्त राज्यकार एवं आबकारी कांगड़ा ने सख्त दिशा-निर्देश सभी कारोबारियों को जारी किए हैं, जिसमें नियमों की पालना न करने पर 25 हजार रुपए जुर्माना भरने की भी बात कही गई है। हिमाचल प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा 31 की उपधारा 3बी के तहत हर दुकानदार, व्यापारी व कारोबारी द्वारा 200 रुपए व इससे अधिक की बिक्री सामान का बिल जारी करना अनिवार्य होगा।
नियमों के तहत कोई भी कारोबारी ऐसा नहीं करता है, तो अधिनियम की धारा-126 के तहत 25 हजार रुपए जुर्माना ठोंका जाएगा। इसके साथ ही आरोपी कारोबारी को दंड का प्रावधान भी रखा गया है। कांगड़ा जिला के उपायुक्त राज्यकर एवं आबकारी विनोद सिंह डोगरा के पास मिली शिकायतों में जानकारी सामने आई है कि जिला भर में 200 की अधिक बिक्री पर कोई बिल जारी नहीं किया जा रहा है।
उपायुक्त ने जिला के सभी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों सहित व्यापारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि अब से 200 से अधिक किसी भी सामान की बिक्री पर बिल भी प्रदान किया जाए। इसके साथ ही विभाग की ओर से सहायक आयुक्त कांगड़ा, देहरा, पालमपुर व बैजनाथ को भी इस संबंध में कार्रवाई करने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
