
शिमला – जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश सरकार भले ही बुजुर्गों को सम्मान देने के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन जमीनी स्तर पर यह दावे फिसड्डी नजर आते हैं. प्रदेश सरकार के इन दावों की पोल उस समय खुल गई, जब रामपुर से दर-दर की ठोकरें खाती एक बूढ़ी मां शिमला पहुंची. सरकार प्रशासन के सामने बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब किसी ने उसकी नहीं सुनी.
जिला शिमला के रामपुर इलाके के सुंगरी की रहने वाली इलम देवी के घर पर साल 2014 से खतरा मंडरा रहा है. साल 2014 में लोक निर्माण विभाग ने डंगा लगाने के लिए खुदाई की, लेकिन इसके बाद डंगा नहीं लगाया.
इलम देवी प्रशासन से लेकर सरकार तक अपनी समस्या रख चुकी है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा. इलम देवी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक समस्या सुलझाने के अपील की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. बुजुर्ग महिला की ओर से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई है.
इलम देवी ने कहा कि मकान पर खतरा होने की वजह से वे रात के समय सोने में भी डरती हैं. सरकार और प्रशासन के पास शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान निकलता नजर नहीं आ रहा है. सरकार उनकी समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रही.
इलम देवी की मांग है कि जल्द से जल्द लोक निर्माण विभाग की ओर से डंगा लगाया जाए, ताकि इनके घर पर खतरा काम हो सके. 58 साल की इलम देवी का कहना है कि घर पर अकेली रहती हैं और इनका ख्याल रखने वाला कोई नहीं. साल 2014 में नीचे डंगा बनाने के लिए खुदाई की गई जिससे मकान को खतरा हो गया है और दरारें आ गई हैं. साथ ही बगीचे को भी नुकसान हो रहा है.
