शिमला, जसपाल ठाकुर
कोरोना काल में हजारों एपीएल परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में मई महीने में एपीएल परिवारों को 14 किलो आटा मिलेगा, जो प्रति राशनकार्ड 2.50 किलो अधिक होगा। मार्च और अप्रैल माह में गरीबी रेखा से ऊपर रहने वाले परिवारों को 11.50 किलो आटा प्रति राशन कार्ड दिया जा रहा था। सरकार ने चावल के कोटे में कोई परिवर्तन नहीं किया है। दो महीनों में भी एपीएल परिवारों को इसी मात्रा में चावल का कोटा दिया गया।
प्रदेश सरकार ने मई महीने के लिए आटा और चावल के कोटे का जिला के हिसाब से आवंटन कर दिया है। इसके बाद विकास खंडों के लिए भी राशन के कोटे की मात्रा निर्धारित की गई है। करसोग विकास खंड के खाद्य निरीक्षक जगतराम ने बताया कि प्रदेश सरकार ने आटे के कोटे में बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि मई महीने में एपीएल परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में 14 किलो आटा प्रति राशन कार्ड दिया जाएगा।
मई में हर गरीब परिवार को एक किलो मुफ्त काले चने
मई महीने में हिमाचल प्रदेश के हर गरीब परिवार को एक किलो मुफ्त चने दिए जाएंगे। खाद्य, आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने बताया कि सरकार ने फैसला लिया है कि प्रदेश के हर गरीब परिवार को एक किलो मुफ्त काले चने दिए जाएंगे। सरकार ने यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीबों को पांच किलो गेहूं और चावल मुफ्त देने की घोषणा के बाद लिया है।
दूसरे राज्यों की ही तरह प्रदेश में भी गरीबों को प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा के बाद मिलने वाला मुफ्त राशन भी मई महीने से मिलना शुरू हो जाएगा। इसमें गरीब परिवारों के हर सदस्य के हिसाब से तीन किलो चावल और दो किलो गेहूं मुफ्त में दिया जाएगा।
प्रदेश में बीपीएल, अंत्योदय और पीएचएच की तीन श्रेणियों में आने वाले गरीबों को यह मुफ्त राशन और चने मिलेंगे। केंद्र की तरफ से मिलने वाला राशन मई और जून दो महीने मिलेगा। वहीं, सरकार की तरफ से दिए जाने वाले काले चने सिर्फ मई महीने में ही दिए जाएंगे।
केंद्र सरकार की तरफ मिलने वाला पांच किलो राशन परिवार के हर सदस्य के हिसाब से मिलेगा, जबकि प्रदेश सरकार की तरफ से मिलने वाले एक किलो काले चने एक राशन कार्ड पर एक किलो ही मिलेंगे। मोदी के ओदश के बाद अधिकारी भी अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। सचिवालय से आदेश आते ही प्रदेश भर में 27 लाख गरीब परिवारों को अनाज वितरित होने का काम शुरू हो जाएगा।