हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में मैडीकल ऑफिसर (जनरल विंग) के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है।
लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर कुल 166 नए चिकित्सा अधिकारियों का चयन किया गया है। इस भर्ती परीक्षा में नगरोटा बगवां के कवाड़ी गांव की रहने वाली डाॅ. श्रेया वालिया ने प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
डाॅ. श्रेया ने एमबीबीएस की पढ़ाई पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय मैडीकल कालेज चम्बा से पूरी की है। चयन परिणामों में बेटियों का दबदबा देखने को मिला है। चयनित अभ्यर्थियों में लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो चिकित्सा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाता है।
डाॅ. श्रेया वालिया एक शिक्षित परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता डाॅ. सुरेश वालिया इंजीनियर हैं, जबकि उनकी माता शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी रही हैं। उनके भाई अंशुल वालिया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर से कम्प्यूटर साइंस इंजीनियर हैं।
डाॅ. श्रेया ने इसका श्रेय अपने माता-पिता, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय मैडीकल कालेज चम्बा के प्राचार्य तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन और सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और शिक्षकों के निरंतर प्रोत्साहन ने उन्हें यह उपलब्धि हासिल करने में मदद की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डाॅ. श्रेया वालिया को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 166 नए चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी तथा अस्पतालों में डाक्टरों की कमी को दूर करने में सहायता मिलेगी।

