
शिमला – जसपाल ठाकुर
केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा के सामग्री और लेबर कंपोनेंट के लिए जारी हुए 318 करोड़ 80 लाख रुपये में से 100 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी हो गई है।
नवंबर माह के बाद मनरेगा के तहत लेबर कंपोनेंट व सामग्री के लिए केंद्र से बजट न आने के कारण प्रदेश भर में काम ठप हो गए थे। नई सेल्फ भी पुरानी पेमेंट न होने के कारण नहीं डाली जा रही थी।
प्रदेश सरकार की ओर से मामला केंद्र से उठाए जाने के बाद केंद्र की ओर से जारी बजट की पहली किश्त 100 करोड़ रुपये की जारी हुई।
इसमें चंबा जिला को 33 लाख, सिरमौर को 13 करोड़ 96 लाख, कांगड़ा को 14 करोड़ 88 लाख, मंडी को 40 करोड़ 30 लाख रुपये, चंबा को 23 लाख, हमीरपुर को तीन करोड़ दो लाख, 14 करोड़ दो लाख, कुल्लू को 50 लाख, लाहुल स्पीति को 15 लाख, शिमला को छह करोड़ 80 लाख, सोलन को 16 करोड़, ऊना जिला को छह करोड़ 37 लाख रुपये मिले हैं।
यह पैसा सीधे मनरेगा के कामगारों और जिन ठेकेदारों ने काम किया है उनके बिलों के हिसाब से उनके खाते में जाएगा। बजट के जारी होने के साथ ही संबंधित ब्लाक कार्यालयों की ओर से इसे अपनी-अपनी पंचायतों में भेजा गया है। अब बजट आने के बाद मनरेगा कार्यों में तेजी आएगी।
परियोजना निदेशक डीआरडीए मंडी नवनीत शर्मा का कहना है मनरेगा के 2022-23 के लिए सामग्री व लेबर कंपोंनेेंट बजट की पहली 100 करोड़ रुपये की किश्त जारी हुई है। मंडी जिला को 40 करोड़ रुपये मिले हैं। अब मनरेगा के कामों में तेजी आएगी।
