
शिमला- जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में रात्रि कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है। जिसके तहत रात्रि 10 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार के वाहनों की आवाजाही नहीं रहेगी। कर्फ्यू के दौरान लोग कहीं भी नहीं निकलेंगे। दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहन ही केवल प्रदेश में दाखिल हो सकेंगे। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक दोपहर बाद फिर शुरू हुई इस दौरान प्रदेश सरकार ने रात्रि कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया।
इसके अलावा इंडोर में क्षमता को देखते हुए केवल अब 50 फीसद लोग ही एकत्र हो सकेंगे। क्षमता के अनुसार शत प्रतिशत लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। अभी मंत्रिमंडल की बैठक जारी है।अभी मंत्रिमंडल की बैठक में 9 आइटम पर चर्चा हुई है। अभी तक राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर प्रेजेंटेशन पर भी चर्चा नहीं हो पाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंत्रिमंडल की बैठक में जल रक्षकों के पद भरने का मामला भी आया है। संभावना है कि दोपहर बाद दोबारा शुरू होने वाली मंत्रिमंडल बैठक में इस विषय पर चर्चा हो सकती है और जलरक्षकों के पदों को मंजूरी प्राप्त हो सकती है।
इस बैठक में 15 जनवरी के बाद शुरू होने वाले माघ महीने के दौरान शुभ मुहूर्त के कारण विवाह और दूसरे त्योहार शुरू होंगे। ऐसे में प्रदेश सरकार बंदिशों की घोषणा कर सकती है, ताकि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों को बढ़ने से रोका जा सके। इसके अलावा प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कोरोना वायरस की स्थिति पर स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी प्रेजेंटेशन देंगे। मंत्रिमंडल की बैठक में 30 एजेंडा आइटम आई हैं। इसके अलावा मंत्रियों द्वारा अपने विभागों के सप्लीमेंट्री आइटम भी रखी जाएंगी।
बैठक में कोविड महामारी की स्थिति पर चर्चा होगी। स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर प्रेजेंटेशन देगा। इसके बाद मंत्रिमंडल प्रदेश में पाबंदियां लगाने को लेकर निर्णय ले सकता है। पड़ोसी राज्य पंजाब में नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया गया है व शिक्षण संस्थानों को भी बंद कर दिया गया है। दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू की घोषणा कर दी गई है।
ऐसे में हिमाचल प्रदेश में भी आज मंत्रिमंडल की बैठक में पाबंदियां लगना तय माना जा रहा है। मंत्रिमंडल की बैठक में कोविड के अलावा अन्य अहम निर्णय भी लिए जाएंगे। बैठक में हिमाचल पुलिस कांस्टेबल को आठ वर्ष बाद मिलने वाले नियमित वेतनमान के मसले पर भी चर्चा संभव है।
