सोलन – रजनीश ठाकुर
राज्य स्तरीय तीन दिवसीय माता शूलिनी मेले का शुभारंभ शुक्रवार को सोलन में विधिवत रूप से हुआ। मेले की शुरुआत मां शूलिनी की पारंपरिक एवं भव्य शोभायात्रा से हुई, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मां शूलिनी की यह शोभायात्रा नगर भ्रमण के उपरांत गंज बाजार स्थित अपनी बड़ी बहन माता दुर्गा के मंदिर में प्रवास के लिए पहुंची, जहां तीन दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान व सांस्कृतिक आयोजन संपन्न होंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी मां शूलिनी के दरबार में शीश नवाया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सोलन की जनता की आस्था माता शूलिनी में अटूट है और यही श्रद्धा इस मेले को विशेष बनाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से श्रद्धालु जगह-जगह भंडारे लगाकर सेवा कर रहे हैं, वह हिमाचल की लोक संस्कृति और समर्पण भावना का जीवंत उदाहरण है।
इस दौरान उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने मुख्यमंत्री को माता शूलिनी की प्रतिमा भेंट की। शोभायात्रा के दौरान पूरे शहर में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
सड़कों पर सजे रथ, ढोल-नगाड़ों की गूंज, पारंपरिक वेशभूषा में लोक कलाकार और हजारों श्रद्धालु आकर्षण का केंद्र बने रहे।
गौरतलब है कि सोलन में प्रतिवर्ष यह मेला आषाढ़ मास में मनाया जाता है, जो कि नगर की कुलदेवी मां शूलिनी के सम्मान में आयोजित होता है। मेले में धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, झांकियां और लोक नृत्य भी आयोजित किए जाते हैं।
प्रशासन ने मेले को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

