सैनधार में बचपन के दोस्त एक साथ बने अग्निवीर, स्कूल में देखा था फौजी बनने का सपना
सिरमौर – नरेश कुमार राधे
सफलता की ये दास्तां, सिरमौर के “सैनधार” के दो दोस्तों की है। दोनों ने छठी से 12वीं तक एक साथ शिक्षा ग्रहण की है। एक साथ ही अग्निवीर बनकर मां भारती की रक्षा के सपने को साकार किया है। सपने को साकार करने में ‘न्यू लक्ष्य अकादमी’ सेतु बनी।
महीपुर के विशाल व नहरस्वार के बनलोग गांव के रोहण शर्मा ने स्कूली पढ़ाई के दौरान ‘फौजी’ बनने का सपना देखा था। हालांकि, ये सपना साकार हो गया है, लेकिन इसके पीछे कड़े संकल्प व मेहनत की एक ऐसी कहानी छिपी है, जो युवाओं के लिए प्रेरणा तो है ही, साथ ही मार्गदर्शन भी है। ये दोस्त चाहते तो घर की खेतीबाड़ी व बागवानी में भी अच्छी-खासी आमदनी कमा सकते थे, लेकिन बचपन में ही देश सेवा की ललक पैदा हो गई।
उल्लेखनीय है कि सैनधार क्षेत्र बागवानी को लेकर एक खास पहचान रखता है। सपना लेकर ये दोस्त नाहन पहुंचे तो पहले न्यू लक्ष्य अकादमी ने अग्निवीर कोर्स की कोचिंग का बैच चलाने से इंकार किया, लेकिन अकादमी के संस्थापक कपिल माल्या ने विशाल व रोहण के जज्बे को महसूस किया तो सेतु की भूमिका निभाने से इंकार नहीं कर सके। कोचिंग सेंटर में अग्निवीर की परीक्षा के लिए तीन सत्रों में कक्षाएं चलाई गई। इसका परिणाम ये हुआ है कि अब विशाल व रोहण देश के अग्निवीर हैं।
विशाल शर्मा व रोहण शर्मा के बोल
विशाल शर्मा व रोहण शर्मा ने बातचीत में कहा कि शारीरिक परीक्षा की जद्दोजहद तड़के तीन बजे शुरू हो जाती थी। पहली बार असफलता से हताश हो गए थे, लेकिन न्यू लक्ष्य अकादमी के ‘कपिल सर’ ने कहा कि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। ये बात समझ आते ही दूसरी बार तैयारी शुरू की तो सफलता हासिल हो गई।
उनका कहना था कि दूसरी बार भी सफलता नहीं मिलती तो वो अगले प्रयास के लिए भी तैयार थे। उल्लेखनीय है कि अग्निवीर की लिखित परीक्षा 18 अप्रैल 2023 को आयोजित हुई थी। लंबे इंतजार के बाद परिणाम जारी हुआ है।
अग्निवीर परीक्षा में रोहण को एनसीसी के सी सर्टिफिकेट के 20 अंक मिले। जबकि विशाल को बी सर्टिफिकेट होने के कारण 10 अंक ही मिले। दरअसल, हाल ही में एनसीसी के सी सर्टिफिकेट की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था। देश भर में इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया। अब इस परीक्षा का आयोजन 3 मार्च 2024 को होना है।
विशाल व रोहण ने बताया कि हालांकि वो चार साल के लिए अग्निवीर बने हैं, लेकिन आगे कोर्स के अवसर होते हैं, इसमें एनसीसी के सी सर्टिफिकेट का फायदा मिलता है। वो हर हाल में सैन्य अधिकारी बनेंगे। इसका संकल्प वो अग्निवीर परीक्षा का परिणाम आते ही ले चुके हैं।
न्यू लक्ष्य अकादमी के कपिल माल्या के बोल
उधर, न्यू लक्ष्य अकादमी के कपिल माल्या ने कहा कि अग्निवीर परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में लगातार बदलाव महसूस हुआ, लिहाजा बैच चलाने में दिक्कत आई, लेकिन विशाल व रोहण की सफलता से अकादमी के स्टाफ का भी मनोबल बढ़ा है। लिहाजा मार्च के अंत में पुनः अग्निवीर बैच की शुरूआत की जाएगी।

