
नूरपुर- देवांश राजपूत
पठानकोट मंडी फोरलेन योजना में परौर से आगे डबल लेन बनाए जाने के फैसले के बाद कंडवाल से सियुणी तक के कई कस्बों के हजारों प्रभावितों को भी आस है कि सरकार यहां पर भी सड़क की चौड़ाई की फिर से समीक्षा करे ताकि कम से कम नुक़सान हो। यह तर्क फोरलेन संघर्ष समिति नूरपुर के अध्यक्ष दरबारी सिंह ने दिया।
उन्होंने कहा कि फोरलेन सड़क की चौड़ाई मात्र दो से तीन मीटर कम करने से चार दर्जन कस्बों की आधी इमारतें और कारोबारी परिसर टूटने से बचेंगे साथ ही सरकार को भी करोड़ों की राशि के मुआवजे की बचत होगी।
दरबारी सिंह के अनुसार कंडवाल से बौड तक फोरलेन सड़क 32 से 35 मीटर के बीच स्थान की उपलब्धता अनुसार बनाया जाना प्रस्तावित है इसमें थोड़ी सी गुंजाइश करने से होने वाले भारी नुक़सान से बचा जा सकता है।
दरबारी ने तर्क दिया कि जसूर बाजार की मुख्य सड़क में कुछ साल पहले 11 करोड़ की लागत से विस्तारीकरण कार्य किया गया था इसके दोनों ओर विशाल ड्रेनेज की व्यवस्था कर निकासी की बहुत बड़ी समस्या का हल किया गया था यदि जसूर बाजार में फ्लाईओवर बनता है तो न सिर्फ लोग प्रभावित होंगे बल्कि 11 करोड़ का भारी भरकम खर्च मिट्टी में मिल जाएगा । जसूर बाजार में भी बिना नुक़सान के फोरलेन की व्यवस्था हो सकती है जिसके लिए सरकार को एक बार पुनर्विचार करना चाहिए।
28 फरवरी को एसडीएम कार्यालय घेराव स्थगित
दरबारी सिंह अनुसार फोरलेन संघर्ष समिति द्वारा 28 फ़रवरी को एसडीएम कार्यालय के घेराव को अगली अवधि तक स्थगित किया गया है । तमाम मांगों से प्रशासन को अवगत करवा दिया गया है यदि उन मांगों पर पूर्णतया विचार नहीं किया गया तो संघर्ष समिति के पास घेराव का विकल्प मौजूद रहेगा।
