
सोलन, जीवन वर्मा
धर्मपुर में जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष कुलदीप सिंह चम्बयाल ने कहा कि कोरोना काल को दुसरा चरण चल रहा है और इस समय में सरकार को जनता की प्राथमिकता के आधार पर ही जनता के टैक्स का पैसा खर्च करना चाहिए जिसमें बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और खाद्य पदार्थ सस्ते दामों पर जनता को मुहईया करने की जरूरत है क्योंकि इस दौर में मध्यम वर्ग व्यापारी, व्यावसायिक, दिहाड़ीदार मजदूर, किसान, प्राईवेट बस,टैक्सी, ट्रक ओपरेटर, प्राईवेट स्कुलों के अध्यापक,कारोना के दौरान बाहरी राज्यों में नौकरी छोड़ घर लौटे लोग कमाई कम कर रहे हैं और सरकारी देनदारियों में ज्यादा उलझे हैं तनाव की स्थिति में हैं कि कैसे इस दौर में रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करेंगे बच्चों की शिक्षा, पानी, बिजली, टैलीफोन,राशन खाद्य पदार्थों के भारी भरकम बिल गरीब मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए चिंता का सवाल है।
कुलदीप सिंह चम्बयाल ने कहा कि सरकार लगभग डेढ़ वर्षों के कोविड काल में कोई ठोस नीती और नियत से ऐसा नहीं झलका कि सरकार जनता को राहत देने के मूड में है । सरकार को फिजूल खर्ची पर रोक लगाने की जरूरत है । विभिन्न विभागों के माध्यम से ठेकेदारों के द्वारा जो विभाग कार्य करवा रहे हैं इस दौर में केवल वही कार्य हों जो जनता की प्राथमिकता के लिये दिखें फिजूल खर्ची इस दौर में बिल्कुल भी न हो । मनरेगा में लैंडलेबलिंग का कार्य भी फिजूल खर्ची बढा़ता है ऐसे कार्यो पर इस दौर में पूर्णतया रोक लगानी चाहिए। डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल दिख रही है। इस दौर में IPL का आयोजन नहीं होना चाहिए था।
कुलदीप सिंह ने कहा सरकार की नीति और नियत इस दौर में भी चंद पूजीपतियों घरानों के लिए है और गरीबों, मध्यम वर्ग वालों के लिए कोई निती नहीं है । इस दौर में सरकार को जाली आई.आर. डी.पी. में बने लोगों को भी बाहर निकालना चाहिए ताकि सही में गरीबों को हक मिले अभी भी पंचायतों में कुछ जगह स्वयं चुने हुए प्रतिनिधि वर्तमान में या पूर्व में रहे हुए इस सूची में हैं।
इसके इलावा IPH में भर्ती हुए पीछले 2 वर्ष पूर्व पैरा पम्प ओपरेटर, लाईन मैन, सरवेयर, इन में से भी बहुत आई. आर. डी. पी. में हैं इनको बाहर निकालने के लिए ठोस कदम सरकार उठाये क्योंकि ग्राम सभायें हो नहीं रही हैं ऐसी स्थिति में सचिव या निष्पक्ष जांच ऐजेंसी से इन पर कार्यवाही करने की जरुरत है ताकि टैक्स देने वाले पर और आम जनता पर बोझ न पड़े। राजनीतिक गतिविधियों से ऐसा लगता है नियम कानून जनता के लिए ही हैं और राजनेता कानून से ऊपर हैं।
हालात ऐसे ही चलते रहे तो सरकार को आने वाले समय में प्रदेश की जनता गद्दी से उतार देने के लिए कार्य करेगी।
