
शिमला, जसपाल ठाकुर
कांग्रेस प्रवक्ता किरण धांटा ने जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के कोरोना काल में अध्यापकों की कार्यशैली पर दिये गए व्यान पर रोष जताते हुये कहा कि जब भी सरकार के द्वारा किसी भी प्रकार की नीतियां व योजनाओं को लागु करना
होता है। तो जमीनी हकीकत पर अध्यापक वर्ग ही उसे सक्रिय रूप से क्रियान्वित करता है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने तीखे शब्दों में निंदा करते हुए कहा की अध्यापक वर्ग का योगदान समाज के लिये अमूल्य है। वे भविष्य के लिये एक नई पीढ़ी के निर्माण के साथ-साथ देश की प्रशासनिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते है जैसे जनगणना करना ,चुनाव करना ,स्वास्थ्य सेवा तथा पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करना। उन्होंने आगे कहा की कोरोना काल में डॉक्टर ,नर्सेज तथा सुरक्षा कर्मचारियों के साथ अगर किसी ने कंधे से कंधे मिलाकर देश की जनता की सच्ची सेवा की है तो वो अध्यापक वर्ग ही है।
इस कोरोना काल में अध्यापकों ने दूसरे राज्य से लगने वाली सीमाओं के बॉर्डर पर जा कर रात -दिन एक कर
के अपनी सेवायें दी है और ऑनलाइन कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने के लिए तथा उन को शिक्षा से जोड़े रखने के लिये कोर्स
और एक्टिविट्स को बनाने में बहुत मेहनत की है । आज वक्सीनेशन मुहिम में स्वास्थ्य विभाग के साथ कोई सबसे
सक्रिय है तो वो अध्यापक वर्ग ही है।
किरण धांटा जी ने जल शक्ति मंत्री को नसिहत देते हुये कहा की आज वो मंत्री के पद पर अध्यापकों के अध्यापन से ही
पहुंचे है, उन्हें ऐसे सम्मानीय वर्ग के वारे में सरकार के उच्च पद पर रहते हुये अपमान करना शोभा नहीं देता। भाजपा
सरकार को अपने मंत्रियों को समाज को जागरूक कराने वाले वर्ग का मान सम्मान करने की शिक्षा देनी चाहिये और
जल शक्ति मंत्री को अपने शब्दों को वापिस लेना चाहिये तथा इस शिक्षक वर्ग से माफ़ी मांगनी चाहिये।
