शिमला, 09 फरवरी – नितिश पठानियां
लंबे अरसे से परिणाम का इंतजार कर रहे पोस्ट कोड 817 के अभ्यर्थियों ने राजधानी में शुक्रवार को सचिवालय के बाहर जमकर विरोध जाहिर किया। अभ्यर्थी सरकार से रिजल्ट जारी करने की लंबे अरसे से मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर आज भी कैबिनेट की बैठक में रिजल्ट निकलने को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ तो वह आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
अभ्यर्थियों ने बताया कि लगभग पांच साल से JOA (IT) पोस्ट कोड 817 की भर्ती प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अंतिम परिणाम नहीं पाया हैं। कोर्ट में भी लड़ाई लड़ने के बाद उनके हक में निर्णय आया है, बावजूद इसके परिणाम नहीं निकल रहा है।
सीएम और मंत्रियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसी के कान में जूं तक नहीं रेंग रही। परिवार भी मानसिक रूप से प्रताड़ित हो चुका है। कैबिनेट में कोई निर्णय नहीं होता है तो वे शिमला में आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर ने वर्ष 2020-21 में पोस्ट कोड-817 जेओए आईटी के 1,867 पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे थे। प्रदेश भर से करीब एक लाख युवाओं ने इन पदों के लिए आवेदन किया।
आवेदन करने के बाद आयोग ने 21 मार्च 2021 को लिखित परीक्षा ली। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के लिए आयोग ने पहले एक फरवरी से 24 फरवरी 2022 और उसके बाद दो मार्च और 22 जून 2022 को स्किल टेस्ट भी करवाया।
लिखित और स्किल टेस्ट में उत्तीर्ण 4,335 अभ्यर्थियों के लिए एक अगस्त से 31 अगस्त 2022 तक 15 अंकों की मूल्यांकन परीक्षा करवाई गई। इसके बावजूद अभी तक अंतिम परिणाम घोषित नहीं किया गया।
युवाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 60 दिन के भीतर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। अब इतने अधिक दिन बीत जाने के बाद भी प्रदेश सरकार निर्णय नहीं ले पाई है। इसके चलते अभ्यर्थियों को मानसिक परेशानी से जूझना पड़ रहा है। कई अभ्यर्थी ओवरऐज हो रहे हैं। कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी समेत घर पर दिन रात एक कर परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को समय पर नौकरियां नहीं मिल रहीं।
युवाओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चंद अभ्यर्थियों की गलती के कारण पूरे चयन आयोग को भंग कर दिया है। यह तर्कसंगत नहीं। युवाओं ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार सशर्त नियुक्तियां दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर परिणाम को जल्द जारी नहीं किया गया तो प्रदेश भर में उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।

