
बिलासपुर- सुभाष चंदेल
हिमाचल प्रदेश के विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी मंदिर को शारदीय नवरात्रों के लिए दुल्हन की तरह सजा दिया गया है। कोविड-19 महामारी के चलते इस बार भी नवरात्र मेला में नो मास्क नो दर्शन का नियम सख्ती से लागू होगा। मेले के दृष्टिगत सभी विभागों विद्युत, पेयजल, चिकित्सा, परिवहन, लोक निर्माण व नगर परिषद ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
इस बार मेले के दौरान कानून एवं व्यवस्था सुचारू रखने के लिए लगभग 700 के करीब पुलिस व होमगार्ड के जवान तैनात रहेंगे जबकि मंदिर न्यास ने अतिरिक्त व्यवस्थाओं के लिए लगभग 100 कर्मचारी आस्थायी तौर पर नियुक्त किए हैं। हालांकि नवरात्रों के दौरान इस बार भी मंदिर में नारियल, कड़ाह प्रसाद चढ़ाने पर मनाही रहेगी। वीरवार को आरम्भ हो रहे शारदीय नवरात्रों के चलते यात्रियों की सुरक्षा हेतु सभी इंतजाम पूरे करने के लिए मन्दिर न्यास तथा नगर प्रशासन अपने-अपने कार्यों में जुट गए हैं।
7 से 15 अक्तूबर तक चलने वाले नवरात्रों के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धलुओं के आने की उम्मीद है। न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम नयनादेवी योगराज को मेला अधिकारी तथा डीएसपी पूर्ण चंद को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। डीएसपी पूर्ण चंद ने बताया कि जिन यात्रियों ने कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगाईं हो या आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट नैगेटिव हो, उन्हें ही माता के दर्शनों के लिए कोलां वाला टोबा से आगे प्रवेश करने की अनुमति होगी। रिपोर्ट चैक करने के बाद ही उन्हें माता के दर्शनों को भेजा जाएगा।
मेले के दौरान मन्दिर में 5 क्यूआरटी गाड़ियां तथा 3 एम्बुलैंस उपलब्ध रहेंगी। नवरात्रों में 3 स्वास्थ्य उपकेंद्र लगाए गए हैं तथा इसके अतिरक्त घवांडल व नयनादेवी में स्वास्थ्य केंद्र खुले रहेंगे। उन्होंने कहा कि असामाजिक अत्वों पर नजर रखने के लिए लगभग 110 सीसीटीवी कैमरे कोलां वाला टोबा से लेकर नयनादेवी क्षेत्र तथा भाखड़ा डैम रोड तक हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।
