प्रदेश भर के 76 छात्रों को इंटरनशिप के लिए नहीं मिल रही सीट, हर छात्र से पांच हजार लेकर भी नहीं दी सीट
हिमखबर डेस्क
लाखों रुपए खर्च करके विदेश से एमबीबीएस करने वाले 76 हिमाचली छात्रों को अपने ही प्रदेश में इंटरनशिप का मौका नहीं मिल पा रहा है। एमसीआई की गाइडलाइन्स के अनुसार एग्जाम पास करने के बाद भी अब इन छात्रों का साल खराब होने का संकट है। ये तमाम छात्र अब न्याय के लिए सरकार के द्वार पहुंच गए हैं।
जानकारी के अनुसार कई राज्यों के छात्रों ने इस बार विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। बताते हैं कि अन्य राज्यों ने तो अपने छात्रों को सीटें दे दी हैं, लेकिन हिमाचल में ऐसा नहीं हो पाया है।
धर्मशाला के टंग नरवाणा क्षेत्र की एक छात्रा की अभिभावक नीता राणा ने बताया कि उनकी बेटी भी एमसीआई की गाइडलाइन्स के तहत पढ़ाई को आगे रखते हुए अपने प्रदेश में ही इंटरनशिप करना चाहती है।
हालांकि बीते 6 मई को अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (एएमआरयू) ने 27 सीटों की एक लिस्ट निकाली थी, लेकिन 9 मई को किन्हीं कारणों से ये लिस्ट विद्ड्रा कर ली गई। इन छात्रों को अब एएमआरयू और एमसीआई शिमला से अभी तक राहत नहीं मिल पाई है।
हैरानी की बात है कि हर छात्र ने इसके लिए 75-75 सौ रुपए जमा भी करवाए हैं। छात्रों और पेरेंट्स का सवाल है कि अगर सीटें नहीं हैं, तो उनसे 75-75 सौ रुपए क्यों लिए गए। बहरहाल इन छात्रों ने शुक्रवार को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात की है। छात्रों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जल्द उन्हें सीट प्रदान करेंगे।

